रामपुर, जेएनएन : मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में सांसद आजम खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में 30 मुकदमे दर्ज हुए थे। चार माह पहले दर्ज इन मुकदमों की जांच पुलिस अधीक्षक ने एसआइटी को सौंपी थी। अभी तक एसआइटी जांच पूरी नहीं कर सकी है। हालांकि इनमें 27 मामलों में हाईकोर्ट से सांसद की गिरफ्तारी पर रोक लग चुकी है।

सांसद आजम खां के खिलाफ मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीनें कब्जाने के आरोप में जुलाई माह में 28 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इनमें 26 मुकदमे किसानों की ओर से भी दर्ज कराए गए, जबकि दो मुकदमे प्रशासन ने भी दर्ज कराए थे। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा ने जमीनों की जांच के लिए एसआइटी गठित की थी, जिसमें जमीनों का रिकार्ड खंगालने के साथ ही मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी पूछताछ की। सांसद आजम खां को भी पांच बार नोटिस जारी किए गए। उन्होंने महिला थाने पहुंचकर बयान भी दर्ज कराए। आजम खां की पत्नी और बेटों से भी पूछताछ की गई। विधायक नसीर खां से भी एसआइटी ने दो बार पूछताछ की। यह सभी लोग जौहर ट्रस्ट के सदस्य हैं। जौहर ट्रस्ट ही जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करती है। आजम खां जौहर ट्रस्ट के संस्थापक होने के साथ ही कुलाधिपति भी हैं। ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ करने के बाद भी एसआइटी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है। एसआइटी के प्रभारी दिनेश गौड़ का कहना है कि जमीनों से संबंधित अभिलेख एकत्र किए गए हैं, रिपोर्ट दर्ज कराने वाले किसानों के भी कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए हैं। जौहर यूनिवर्सिटी जौहर ट्रस्ट संचालित करती है। इसलिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। अभी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  

Posted By: Narendra Kumar

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