जागरण संवाददाता, मुरादाबाद :

रातभर अच्छी नींद लेने के बाद भी थकान होना किसी बड़ी बीमारी का लक्षण हो सकता है। शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आइएमए भवन में हुई जनरल बॉडी मीटिंग में डॉ. दिव्या गोयल ने खून की कमी और उससे होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुस्त जीवनशैली, अनियमित खान-पान या भरपूर आराम न मिलने से थकान होती है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि थकान लक्षण है, रोग नहीं। शरीर आराम चाहता है, इसका संकेत होने के साथ सेहत से जुड़ी परेशानी का प्रमुख लक्षण भी है। इसमें मुख्य रूप से एनीमिया (खून की कमी) होना। एनीमिया वह स्थिति है, जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। इससे थकान, कमजोरी और सास लेने में दिक्कत हो सकती है। एनीमिया आयरन की कमी, अंदरूनी रक्त रिसाव के कारण होने वाली खून की कमी, गठिया, कैंसर या किडनी रोग की वजह से हो सकता है। इसमें सबसे पहले एनीमिया की जांच कराना जरूरी है। इससे साफ हो जाता है कि शरीर में खून की कमी किस वजह से हुई है और कौन सी बीमारी की शुरुआत है। मिसाल के तौर पर एनीमिया कुछ मरीजों को आयरन की भरपूर मात्रा देने से दूर किया जा सकता है। जैसे किशोर और व्यस्कों में बड़ी वजह आयरन की कमी होती है, जिसे सही खान-पान से दूर किया जा सकता है। इससे महिलाएं अधिक पीड़ित होती हैं। अध्यक्षता आइएमए अध्यक्ष डॉ. सुधीर मिढ्डा, संचालन डॉ. गिरजेश कैन ने किया। इसमें डॉ. मनोज सक्सेना, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. बबीता गुप्ता, डॉ. अनुराग खन्ना आदि रहे।

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लक्षण

-सबसे बड़ा लक्षण थकान है।

-अत्यधिक कमजोरी, नींद की कमी,

एकाग्रता में कमी।

- हृदय गति का तेज होना

- सीने में दर्द तथा सिरदर्द

- सीढ़ी चढ़ने-टहलने में भी सांस फूलना

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खाने में यह करें शामिल

-जांच में अगर कोई बड़ी बीमारी नहीं निकलकर आती है तो एनीमिया को खानपान से भी दूर किया जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जिया, चुकंदर, सोयाबीन, टमाटर, अंडे, अनार, सेब के अलावा होलग्रेन जैसे जई, चना, मेवा, शहद, किशमिश व खजूर आदि डाइट में शामिल करने से खून की कमी दूर होगी।

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