सऊदी अरब में फंसे मुरादाबाद के 134 उमरा यात्री, होटल मालिक ने सामान निकालने को कहा; वतन वापसी का टिकट हुआ 3 गुना महंगा
पश्चिम एशिया में तनाव और हूती हमलों के कारण एयर इंडिया व इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से मुरादाबाद के ...और पढ़ें

सऊदी अरब के होटल में बैठे मुरादाबाद के आजमीन। सौ. आजमीन
HighLights
सऊदी एयरलाइंस में 45 से 52 हजार रुपये तक पहुंचा टिकट, हूती हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब में हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का असर उमरा यात्रियों की वतन वापसी पर पड़ रहा है। मुरादाबाद के 134 जायरीन सऊदी अरब में फंसे हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें निरस्त से उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग दूसरे विमानन विकल्प तलाश रहे हैं। सऊदी एयरलाइंस से वापसी का टिकट 45 से 52 हजार रुपये तक मिल रहा है।
जबकि सामान्य किराया 16-20 हजार रुपये के बीच रहता था। शहर के लाकड़ी वालान, मकबरा, कुंदरकी, पाकबड़ा और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई परिवारों के लोग उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए हुए हैं।
लतीफ, शमसुद्दीन, आसिफ, दानिश, रहमत, नाजरीन, आफरीन, तलहा आदि लोग होटल में ठहरे हुए हैं। उनके पास रुपये भी नहीं हैं। होटल की ओर से तीन दिन खाना देने के बाद अपनी व्यवस्था करने के लिए होटल स्वामी ने कह दिया।
हालात यह हो गए हैं कि हाेटल स्वामी ने उनका सामान बाहर निकालने के लिए कह दिया है। मक्का और मदीना में रुकने के कारण होटल, भोजन और अन्य खर्च भी बढ़ रहे हैं। परिजन यहां से लगातार फोन करके उनकी स्थिति के बारे में पूछ रहे हैं।
अल एन ट्रैवल्स एंड टूर के संचालक गुलरेज नाजिम ने बताया कि फिलहाल भारतीय विमानन कंपनियों की उड़ानों को लेकर अधिक परेशानी है। एयर इंडिया और इंडिगो की सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
सऊदी एयरलाइंस और अन्य विदेशी विमानन कंपनियों से यात्रा करने वालों को अपेक्षाकृत सुविधा मिल रही है। हालांकि सीटों की उपलब्धता और किराये के कारण सभी के लिए तत्काल वापसी संभव नहीं है।
सामान्य दिनों में 16 से 20 हजार रुपये में मिलने वाला वापसी का टिकट अब 45 से 52 हजार रुपये तक पहुंच गया है। इससे उमरा करने गए मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
टूर एंड ट्रेवल के हाजी जुबैर, शाहनवाज मलिक ने बताया कि यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब के रियाद और दम्माम समेत प्रमुख हवाई अड्डों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
अक्टूबर में दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में भारतीय नागरिक की भी मृत्यु हुई थी। इसके बाद विमानन कंपनियों ने सुरक्षा समीक्षा के तहत उड़ानें स्थगित कीं।
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