जासं, लालगंज (मीरजापुर) : धान खरीद को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। क्रय केंद्रों में धान के तौल की गति धीमी होने से खरीद भी सुस्त रफ्तार से हो रही है। एक तरफ धान तौल के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचे किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र प्रभारी अपनी समस्याओं का रोना रोने में जुटे हैं। किसानों का आरोप है कि वह लोग अपने धान की तौल के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर लगा लगा कर थक चुके हैं। हर बार टोकन देने की बजाय उन्हें बाद में आने के लिए कहा जाता है। किसानों का कहना है कि प्रदेश की सरकार कालाबाजारी रोक पाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

सभी क्रय केंद्र को बंद कर तहसील क्षेत्र में विपणन विभाग के चल रहे दोनों लालगंज व हलिया क्रय केंद्रों का लगभग यही हाल है। हर जगह किसान धान की ट्रालियां लिए लाइन लगाए खड़ा है और अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। किसानों के प्रदर्शन और जिला प्रशासन के बार-बार आश्वासन के बाद भी क्षेत्र में धान खरीद की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइन लगी है और वह अपने धान का इंतजार कर रहे हैं। ढेढ़ी गांव के किसान दद्दू सिंह का कहना है कि वह जब धान तौल के लिए सेमरा साधन सहकारी समिति धान क्रय केंद्र पहुंचे तो सचिव द्वारा बताया गया कि खरीद बंद हो गया हैं। कई किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस समिति पर धान बेचने के बाद भी पैसा नहीं मिल पा रहा है। वहीं क्रय केंद्र पर मौजूद प्रभारियों का अलग ही रोना है। उनका कहना है कि वह रोज 300 क्विटल से ज्यादा धान नहीं खरीद सकते हैं। क्रय केंद्र के प्रभारी विजय कुमार का कहना है कि सरकार की नीति के मुताबिक हम लोग 28 फरवरी तक धान की खरीद करेंगे।

Posted By: Jagran

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