जासं, चुनार (मीरजापुर) : लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की सभा शिवशंकरी धाम मंदिर परिसर में होना निर्धारित था। मीरजापुर में बैठक के बाद मुलायम सिंह यादव शिवशंकरी धाम के मंच पर मंचासीन हो गए। तत्कालीन विधायक रहे यदुनाथ सिंह को मंच पर नहीं बुलाया गया। जिससे नाराज होकर अपने समर्थकों के साथ मंच के नीचे ही गमछा बिछा कर बैठ गये थे। उस समय सभा का संचालन कर रहे बजरंगी कुशवाहा ने बताया कि मुलायम सिंह के लिए एक गिलास पानी लेने मंच से नीचे आ गया तभी किसी अन्य नेता ने सभा का संचालन करते हुए सभा को संबोधित करने के लिए मुलायम सिंह यादव को बुला लिया। जैसे ही मुलायम सिंह यादव बोलने को शुरु हुए तब यदुनाथ सिंह अपने समर्थकों के साथ हो हल्ला करते हुए मंच पर चढ़ गए और सभा में मुलायम सिंह यादव को संबोधित नहीं करने दिया। मंच से उतरते समय मुलायम सिंह यादव ने पत्रकारों से कहा कि पार्टी से निलंबित किया जाता है। बाद में लखनऊ पहुंचकर रामप्यारे सिह, रवींद्र बहादुर सिंह, हरिहर सिंह, संगीत देव व यदुनाथ सिंह सहित पांच लोगों को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा कर दी।

चौकाघाट जेल से लिखा पिता को मार्मिक पत्र

जासं, नरायनपुर (मीरजापुर) : वाराणसी के जिला जेल चौकाघाट और बरेली जेल में बंदी के दौरान यदुनाथ सिंह हमेशा अपने मित्रों के साथ पिता सहदेव सिंह व अन्य परिजन को अंतर्देशीय व पोस्टकार्ड से हमेशा पत्र लिखा करते थे। एक पत्र में उन्होंने अपने पिता से कहा है कि आप अपने बेटे को नालायक न समझें। आपने ही तो बचपन में कलकत्ता के क्रांतिकारियों की कहानी सुनाकर मेरे मन में क्रांति का बीज बोया। मैं जनता के हक के लिए लड़ता रहूंगा। उन्होंने लिखा है कि वे ऐसी सरकार चाहते हैं, जो 18 साल तक के बच्चों की गारंटी हो। सबको मकान व गार्डेन हो। दाम की सीमा तय हो। 500 से कम नहीं, 1500 से ज्यादा नहीं। फैक्ट्री, बैंक, अस्पताल, स्कूल आदि आवश्यक सेवाओं का निजीकरण न हो।

Posted By: Jagran

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