जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिले में शुक्रवार को दशहरा व विजयदशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। जगह- जगह असत्य पर सत्य की विजय के रूप में रावण के पुतले का दहन किया गया। भगवान श्रीराम का बाण लगते ही लंकाधिपति रावण के प्राण निकल गए। इसके बाद प्रतीक पुतले का दहन किया गया। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। मुख्य कार्यक्रम बरियाघाट में श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में हुआ।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने भगवान श्रीराम की आरती कर विजयदशमी मेला का आरंभ किया। उद्बोधन में कहा कि मानव के रूप में भगवान श्रीराम ने जो आदर्श प्रस्तुत किया उसका अनुसरण करना चाहिए। विभिन्न प्रकार की झांकियां मेले में सजाई गई थी। इसमें श्रीगणेश जी की झांकी, चंद्रदेव की झांकी, विवेकानंद आश्रम, राधा कृष्ण, मां सरस्वती, रावण दरबार, अशोक वाटिका में सीता, सूर्यदेव व राम दरबार आकर्षण का केंद्र रहे। श्री पंचमुखी महादेव मंदिर को भी काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। खटकने वाली बात यह रही कि शेष शैय्या पर लेटे श्रीविष्णु के साथ माता लक्ष्मी भी नहीं रहीं। ऐसा संभवत: जानकारी की कमी से हुआ। कमेटी अध्यक्ष बृजभूषण ¨सह, महामंत्री अक्षयबर नाथ केशरवानी, शशांक शेखर चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।

त्रिमोहानी, दुर्गादेवी, घंटाघर, दक्षिण फाटक व ग्रामीण क्षेत्रों में भी मेला का आयोजन किया गया। संदीप ¨सह, अतुल ¨सह, राकेश ¨सह, सौरभ ¨सह, कुशल ¨सह, प्रीतम ¨सह आदि थे। मवैया चील्ह में श्री रामलीला कमेटी की ओर से विजयदशमी पर्व मनाया गया। अशोक तिवारी, साधु तिवारी, तेजधर मिश्रा, अनिल ¨सह, आशीष मिश्र आदि थे।

व्यवसायिक हुआ मेला

कई बार से यह देखने में आ रहा है कि मेला का व्यवसायीकरण कर दिया गया है। अनेकों कंपनियों के स्टाल लगाकर वहां अनावश्यक रूप से स्टाफ बैठाकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है। इससे मेले की झांकियों में कमी आ रही है। इतना ही नहीं इस बार कई महाविद्यालयों के छात्र प्रत्याशी मंच के पास खड़े होकर प्रचार-प्रसार करते नजर आए। यहां तक कि उद्घोषक को मंच से यह कहना पड़ा कि मेले को प्रचार का केंद्र न बनाएं। स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि इस बार मेले का राजनीतिकरण कर दिया गया।

सेल्फी के प्रयास से क्रुद्ध हनुमान ने चलाई गदा

मेला में हनुमानजी के साथ सेल्फी लेने का प्रयास एक युवक को महंगा पड़ गया। हुआ यह कि वह सेल्फी के प्रयास में हनुमान जी के मंच तक जा पहुंचा। हनुमान बने कलाकार ने उसे मना किया, इस पर भी वह नहीं माना तो उन्होंने गदा चला दी। यह अच्छा रहा कि वह तत्काल भागने में सफल रहा। इसी प्रकार सेल्फी के प्रयास से क्रुद्ध होकर रावण ने भी जब गर्जना की तो उसका ¨पड छूटा।

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अराजकतत्वों पर नहीं लगी लगाम

इस बार के मेला में अराजक तत्वों की भरमार रही। कई जगह छेड़खानी के प्रयास का मामला सामने आया लेकिन भीड़भाड़ व लोकलाज के चलते भुक्तभोगियों ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। लोगों का कहना है कि एक बाइक पर सवार तीन युवक वासलीगंज से लेकर गिरधर के चौराहा तक लगातार फर्राटा भरते रहे। साथ ही महिलाओं, युवतियों को परेशान करते रहे। ¨चताजनक बात यह है कि इन पर एक भी पुलिसकर्मी की निगाह नहीं पड़ी। वह भी ऐसे समय जबकि जिले की बागडोर महिला कप्तान के हाथ है।

Posted By: Jagran

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