मीरजापुर में दिव्या मित्तल के प्रयासों के बाद भी जो स्कूल नहीं बन सका वह वीडियो जारी होने के बाद बनने भी लगा
पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के वीडियो और दैनिक जागरण की खबर के बाद मीरजापुर के लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक ...और पढ़ें
HighLights
पूर्व डीएम दिव्या मित्तल के वीडियो से प्रशासन सक्रिय हुआ।
लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय निर्माण शुरू।
तीन साल से लंबित स्कूल परियोजना को मिली गति।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। दिव्या मित्तल के गंभीर आरोपों के बाद मीरजापुर प्रशासन जागा है। लहुरियादह में स्कूल बनाने के लिए एक टीम पहुंची है। पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा वीडियो जारी करने और दैनिक जागरण में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी।
बुधवार को लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए चयनित भूमि पर भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित करते हुए बीइओ हलिया प्रकाश चंद्र यादव ने कार्यवाही की। दैनिक जागरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और धरातल को वैसा ही पाया, जिसके बाद प्रशासन भी सक्रिय हो उठा। अब दिव्या मित्तल के वीडियो जारी करने के बाद जमीन की नापी शुरू कर दी गई है और स्कूल बनाने के लिए पैमाइश की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।
लहुरियादह के निवासियों को आज भी इस बात का मलाल है कि काश पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल वर्ष 2023 में कुछ दिनों तक जनपद में डीएम पद पर रहतीं तो लहुरियादह के विकास की तस्वीर कुछ और होती। लहुरियादह गांव में शासन से उच्च प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत होने के बावजूद भवन का निर्माण न हो पाना जिम्मेदारों की घोर उदासीनता को दर्शाता है।
वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निरीक्षण के दौरान लहुरियादह गांव की देवकली ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दिव्या मित्तल से गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने की मांग की थी। इसके साथ ही गांव में पंचायत भवन और अस्पताल भी खोले जाने की मांग की गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते गांव के बच्चों को पांचवी कक्षा के बाद पढ़ाई के लिए दूसरे गांव के विद्यालयों में जाना पड़ता है। लहुरियादह निवासी देवकली ने पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के दौरे का स्मरण करते हुए बताया कि दिव्या मित्तल के आश्वासन के बावजूद गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं खुल सका। यदि डीएम साहिबा कुछ दिन और मीरजापुर में रहतीं तो लहुरियादह गांव के लोगों को उच्च प्राथमिक विद्यालय नसीब हो जाता।
देवकली ने बताया कि गांव में पानी का संकट दूर होने के बाद ग्रामीणों में स्कूल खोले जाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अभी तक उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू न होने पर उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। देवकली अपने मायके लहुरियादह गांव में ही रहती हैं, जबकि उनकी ससुराल मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के तिलया गांव में है।
तीन महीने पूर्व उनके पति छोटे बसोर की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। देवकली ने बताया कि उन्हें शासन से आवास का लाभ नहीं मिल पाया है। देवकली सहित गांव के लोगों को उम्मीद है कि दिव्या मित्तल के वीडियो जारी होने के बाद अब काम शुरू हो गया है उम्मीद है जल्द स्कूल शुरू भी हो जाएगा।
