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- विजिलेंस टीम की जांच में मामला हुआ उजागार

- 400 मरीजों के इलाज में 20 लाख रुपये से अधिक की गई धनउगाही जागरण संवाददाता, मीरजापुर : आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में विजिलेंस टीम की जांच में मरीजों के इलाज के नाम पर लाखों रुपये गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है। चिकित्सालय के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

नगर के ओझलापुल स्थित रामकृष्ण सेवा आश्रम चिकित्सालय में आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में मरीजों के किए गए इलाज की सूची और उन पर खर्च किए गए रुपये का आंकड़ा आरटीआइ कार्यकर्ता इरशाद अली ने मांगा था। मिले आंकड़े में गोलमाल किए जाने की आशंका जताते हुए इसकी शिकायत पीएमओ कार्यालय में की। शिकायत पर पीएमओ कार्यालय ने मंडलीय चिकित्सालय के अधिकारियों से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एडी ने संयुक्त निदेशक विध्याचल मंडल डा. सुबोध सिन्हा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जिला शिकायत प्रबंधन आयुष पांडेय व नोडल अधिकारी आयुष्मान डाक्टर वीके भारती के साथ पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि जिन अधिकारी को आडिट करने के लिए निर्देशित किया था उन्होंने दो साल तक चिकित्सालय जाकर कोई आडिट नहीं की थी। इससे चिकित्सालय के कर्मचारी मनमाने तरीके से मरीजों का इलाज कर उनसे धनउगाही करते रहे। जांच में पाया गया कि करीब 400 मरीजों से इलाज के नाम पर धन उगाही की गई, जो 15 से 20 लाख रुपये होगी। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन के पास रिकवरी के लिए भेज दिया। ---

रामकृष्ण सेवा आश्रम चिकित्सालय में मरीजों से इलाज के नाम पर धन उगाही की शिकायत पीएमओ कार्यालय में की गई थी। उनके नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने चिकित्सालय पहुंचकर इस मामले की जांच की। शिकायत सही मिलने पर उसकी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ कार्यालय व शासन में चिकित्सालय के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए भेज दी गई है।

- डा. सुबोध सिन्हा संयुक्त निदेशक विध्याचल मंडल।

Edited By: Jagran