जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि गुरू का पद सबसे उंचा होता है और गुरू अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करें ताकि उनके विद्यालय के बच्चे आगे चल कर उनके विद्यालय का नाम बढ़ा सकें। वे बुधवार को राजस्थान इंटर कालेज में आयोजित स्काउट गाइड के कार्यक्रम में पहुंचे।

इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि अध्यापक का कद विद्यार्थियों की नजर में सबसे उंचा होता है। सभी लोग अध्यापक को आदर के साथ देखते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों का दायित्व बनता है कि वे बच्चों की अच्छी शिक्षा प्रदान करें। बैठक में कहा कि महिलाओं पर बढ़ते अपराध को रोकने के लिए अध्यापक बच्चों को अभी से उसके बारे में अच्छे संस्कार दें। डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याकारी व शिक्षा परक योजनाओं तथा स्वच्छता एवं संचारी रोगों के बारे में जानकारी देकर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं के होने वाले प्रैक्टिकल को सुचारू ढंग से संपन्न कराएं। बोर्ड परीक्षाओं के लिए सभी तैयारियां जैसे जनरेटर, फर्नीचर आदि व्यवस्था सुनिष्चित कर लें। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक देवकी सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में इस बाद राउडर सिस्टम लगाया जाएगा जिसमें सभी सेंटरों पर इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्काउड गाइड के लोगों को लायंस मेंबर बनाना है। डीएम ने कहा कि सभी अध्यापक भी मेंबरशिप ग्रहण कर उसका लाभ उठाएं। इससे जनपद के लिए निर्धारित 200 का लक्ष्य पूरा किया जा सके जो अभी तक 55 है। विद्यालयों में सड़क सुरक्षा समितियों के गठन पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर सभी इंटर कालेजों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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