सतीश रघुवंशी, मीरजापुर :

केंद्र सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य परियोजना 'आयुष्मान भारत' का लाभ गरीबों तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय एजेंसियां कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही हैं। इसके लिए अब सरकार ने क्यूआर कोड वाले कंप्यूटराइज्ड कार्ड लाभार्थियों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। यह कार्ड जिनके पास होगा, उन्हें ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सकेगा। इलाज की जरूरत पड़ने पर लाभार्थी अस्पताल जाकर कंप्यूटर द्वारा कार्ड स्कैन करा सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करते ही लाभार्थी की पूरी जन्म कुंडली कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगी। इसी आधार पर आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया जाएगा और अस्पताल में पूरी दवा, आपरेशन, सर्जरी, जांच आदि की सुविधा निश्शुल्क मिल सकेगी।

आयुष्मान भारत योजना को फुलप्रूफ बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। अभी तक लोगों को स्पष्ट नहीं था कि इस योजना का लाभ किसे और कैसे मिलेगा। लेकिन अब केंद्रीय एजेंसियों ने सर्वे के आधार पर चिह्नित किए गए गरीबों का सत्यापन कर उन्हें क्यूआर कार्ड जारी कर दिया है। दिल्ली से जिले के एक लाख 92 हजार गरीबों को क्यूआर कोटेड कार्ड जारी किए गए हैं। जिले में मंडलीय अस्पताल के अलावा 30 स्वास्थ्य उपकेंद्र व 10 निजी अस्पतालों को इस योजना के तहत उपचार के लिए पैनल में शामिल किया गया है। सरकार द्वारा क्यूआर कोड अंकित आयुष्मान लाभार्थी कार्ड आशा बहनों के हाथ से घर-घर वितरित किया जाएगा। जिनके पास यह कार्ड है, वे ही आयुष्मान के लाभार्थी हैं। इसके अलावा जो पात्र लोग इस सूची में शामिल नहीं हैं, उनके लिए अलग से सर्वे कर इसी तरह के क्यूआर कोटेड कार्ड वितरित किए जाएंगे।

आशाओं के हाथ आयुष्मान का वरदान

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी तिवारी ने बताया कि जिलेभर में तैनात आशा बहनें इस योजना में लाचार, असहाय और गरीबों तक पहुंचने का माध्यम होंगी। सभी कार्ड इन्हीं के माध्यम से बांटे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है एक सप्ताह के भीतर शहर के 35 वार्डों में लगभग 18 हजार लाभार्थियों तक यह कार्ड पहुंच जाएगा। जबकि जिलेभर में एक लाख 92 हजार लाभार्थियों में इसे वितरित किया जाना है। इनमें नगर पालिका, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायतों की भी मदद ली जाएगी।

नहीं हो सकेगी धांधली

आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक राहुल मिश्रा ने बताया कि यह कोई साधारण कार्ड नहीं है बल्कि हर कार्ड पर कंप्यूटराइज्ड क्यूआर कोड अंकित है। कोई और इसका डुप्लीकेट नहीं बना सकता। आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर कोई धांधली नहीं की जा सकती। इस कोड को पैनलाइज्ड अस्पताल में स्कैन करते ही लाभार्थी का डाटा सामने आ जाएगा। 2011 की जनगणना के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया और इसका सत्यापन केंद्रीय एजेंसी ने की।

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योजना एक नजर में

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इतने प्रकार की बीमारियां शामिल- 1350

जिले में कुल लाभार्थी- एक लाख 92 हजार

ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थी- एक लाख 60 हजार

शहरी क्षेत्र में लाभार्थी - 30 हजार

जिले के स्वास्थ्य केंद्र- 30 उप केंद्र

निजी अस्पताल- 10 केंद्र

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वर्जन

'जिले में 1.92 लाख क्यूआर कोटेड कार्ड लाभार्थियों में वितरित करने के लिए आया है। यह कार्ड जिनके पास होगा, उन्हें ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सकेगा। लाभार्थियों तक यह कार्ड पहुंचे और वे इस योजना से लाभान्वित हों, यही कोशिश है।'

डा. ओपी तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मीरजापुर

Posted By: Jagran

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