जासं, चुनार (मीरजापुर) : परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम की गुणवत्ता जांचने और उसमें हो रहे खेल पर नकेल कसने के लिए सोमवार को जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अमले के साथ निकले। क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण कर कमियां मिलने पर नाराजगी जाहिर की। खानपुर पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय में मीनू के मुताबिक मिड-डे-मील न बनाए जाने, खाने की गुणवत्ता खराब होने पर बीएसए ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की क्लास ली।

खानपुर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान बीएसए को 155 के सापेक्ष पांच बच्चे मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय में उपस्थिति शून्य रही। जबकि पंजिका में पहले के दिनों में शत प्रतिशत उपस्थिति देखकर बीएसए का पारा चढ़ गया। मेन्यू में रोटी-सब्जी और फल की जगह वहां बच्चों को दम आलू दिया गया था, जिसे देख बीएसए ने नाराजगी जाहिर की। वहीं मिड डे मील की सामग्री के भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई। शिक्षक डायरी के संबंध में जब बीएसए ने पूछा तो प्रधानाध्यापक वह भी नहीं दिखा सके। बीएसए ने बताया कि मामले की पूरी जांच कराकर दोनों प्रधानाध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। राजकीय बालिका इंटर कालेज चुनार में बीएसए जांच के लिए गए। उन्हें एमडीएम बनता हुआ नहीं मिला। जांच में पाया गया कि यहां एक जनवरी से एमडीएम नहीं बन रहा है। प्रधानाचार्य का कहना है कि मांग के सापेक्ष विभाग द्वारा पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके कारण एक जनवरी से एमडीएम नहीं बन रहा है। नगर के बालूघाट स्थित बहुमंजिली जूनियर हाई स्कूल का भी निरीक्षण में ऊपरी मंजिल पर कुछ लोग अवैध रूप से रहते मिले। बीएसए ने इनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। प्राथमिक विद्यालय कोतवाली चुनार का निरीक्षण करने पर यहां 308 में मात्र 34 बच्चे उपस्थित मिले। डीसी एमडीएम रवींद्र मिश्रा, एबीएसए नरायनपुर पीएस राम आदि थे।

वर्जन

क्षेत्र के सभी माध्यमिक विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों व मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना की जांच कराने के लिए नगर पालिका, नरायनपुर व सीखड़ के एबीएसए की टीम का गठन किया गया है जो जाकर मिड-डे-मील योजना में गड़बड़ियों की जांच करेगी।

प्रवीण कुमार तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी मीरजापुर।

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