दिव्या मित्तल का इंतजार कर रहा लहुरियादह गांव, शबरी की तरह राह तक रहीं 78 साल की दुईजी देवी
मीरजापुर के लहुरियादह गांव में ग्रामीण पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल के आगमन का इंतजार कर रहे हैं।

HighLights
ग्रामीण पूर्व IAS दिव्या मित्तल का कर रहे इंतजार।
पेयजल संकट के बाद अब स्कूल निर्माण की उम्मीद।
78 वर्षीय दुईजी देवी भी मिलने की राह देख रहीं।
जागरण संवाददाता, ड्रमंडगंज (मीरजापुर)। पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल के लहुरियादह आने को लेकर ग्रामीणों में उत्सुकता है। गांव के लोग आशांवित हैं कि जिस तरह से दिव्या मित्तल ने पेयजल संकट से निजात दिलाया। उसी तरह अधर में लटके उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए भी कुछ पहल करेंगी।
गांव निवासी देवकली, चौरसिया देवी, रमेश यादव, गीता देवी, कृष्णा वर्मा, राजकुमार, हीरा यादव को भरोसा है कि पूर्व आईएएस स्कूल बनाने में मदद करेंगी। वहीं 78 वर्षीय दुईजी देवी देवी भी सबरी की तरह दिव्या मित्तल की राह देख रही हैं। वह बीमार हैं और उन्हें उम्मीद है कि दिव्या मित्तल उन्हें देखने वह जरूर आएंगी, लेकिन दूसरे दिन भी सोमवार को वह नहीं पहुंची जिससे लोगों में मायूसी दिखी।
दुईजी देवी ने बताया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पूर्व आईएएस उनसे मिलने जरूर आएंगी। गांव के कृष्णा वर्मा ने बताया कि हम लोग पूर्व आईएएस का रविवार से ही इंतजार कर रहे हैं। कहा कि हालांकि हम गरीब लोग उनका स्वागत नहीं कर पाएंगे फिर भी माला-फूल लेकर उनका स्वागत करने के लिए तैयार बैठे हैं।
कृष्णा वर्मा का कहना है कि जैसे उन्होंने गांव में पानी संकट को दूर किया उसी तरह अधर में फंसे विद्यालय का भी निर्माण शुरू करवा दें। हमें उम्मीद है कि दिव्या ही गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय निर्माण के लिए प्रयास करेंगी।
लहुरियादह निवासी बऊ बसोर ने बताया कि गांव के लोग पूर्व आईएएस का दो दिनों से इंतजार कर रहे हैं। कहा कि वह विद्यालय निर्माण शुरू कराने के लिए हम लोगों की आवाज बुलंद करेंगी।
वर्ष 2023 में उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने की मांग करने वाली देवकली ने कहा कि उन्हें जानकारी हुई कि पूर्व आईएएस सोमवार को गांव में आएंगी तो वह मध्यप्रदेश स्थित ससुराल से उनका स्वागत करने लिए मायके लहुरियादह आ गई। उम्मीद है कि वह हम लोगों से मिलने वह जल्द ही आएंगी।
