तकनीकी उन्नयन योजना: स्कीम से मीरजापुर के कारोबार को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार बढ़ाने के लिए उद्यमी ले सकेंगे लोन
मीरजापुर में तकनीकी उन्नयन योजना से औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा, गुणवत्ता सुधरेगी।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।
HighLights
औद्योगिक इकाइयों में पुरानी मशीनों की जगह आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता में वृद्धि।
उत्पाद की गुणवत्ता सुधरेगी, लागत घटेगी, बड़े बाजार तक पहुंच बढ़ेगी।
तकनीकी दक्षता वाले युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। परंपरागत हुनर अब आधुनिक तकनीक की रफ्तार से भी कदमताल करेगा। जिले की औद्योगिक इकाइयों में पुरानी मशीनों और पारंपरिक तौर-तरीकों की जगह अत्याधुनिक तकनीक लाने की तैयारी है।
तकनीकी उन्नयन योजना उद्यमियों के लिए कारोबार को नई ऊंचाई देने का रास्ता खोल रही है। मशीनें आधुनिक होंगी तो उत्पादन की गति बढ़ेगी, गुणवत्ता सुधरेगी और लागत घटेगी। इसका सीधा फायदा उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मिलेगा।
जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए तकनीकी उन्नयन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के तहत पुराने ढर्रे पर चल रही औद्योगिक इकाइयों को नई मशीनरी और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कालीन और दरी से लेकर पीतल, वस्त्र, फर्नीचर, खाद्य प्रसंस्करण समेत विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-बड़े उद्यम संचालित हैं। इनमें कई इकाइयां अभी भी ऐसी मशीनों पर निर्भर हैं, जिनसे उत्पादन में अधिक समय और श्रम लगता है। आधुनिक मशीनरी अपनाने से यही काम कम समय में अधिक दक्षता के साथ किया जा सकेगा।
हुनर वही तकनीक नई
मीरजापुर की पहचान उसके पारंपरिक उत्पादों और कारीगरों के हुनर से है। तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य इस हुनर को आधुनिक तकनीक का सहारा देना है। बेहतर मशीनों से उत्पाद की फिनिशिंग, डिजाइन और गुणवत्ता में सुधार होगी। इससे स्थानीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किए जा सकेंगे।
छोटे उद्यमों के लिए बड़ा अवसर
तकनीकी उन्नयन का सबसे बड़ा लाभ छोटे उद्यमियों को मिल सकता है। योजना के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन और सहायता की जानकारी लेकर पात्र उद्यमी अपनी इकाई का तकनीकी कायाकल्प कर सकते हैं।
युवाओं के लिए भी खुलेंगे रोजगार के रास्ते
नई मशीनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होगी। इससे तकनीकी दक्षता वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं उत्पादन बढ़ने पर इकाइयों के विस्तार की संभावना भी बनेगी। खास बात यह है कि तकनीकी उन्नयन सिर्फ मशीन बदलने की कवायद नहीं, पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बाजार की दौड़ में आगे ले जाने की कोशिश है।
तीन साल या उससे पुरानी मशीनें अपडेट करने के लिए उद्यमी तकनीकी उन्नयन योजना के तहत पांच लाख रुपये का लोन ले सकते हैं। इसके लिए सभी प्रक्रिया पूरी करने के साथ उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। -संदीप कुमार, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र।
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