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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मझवां, सीखड़ व कोन ब्लाक डार्क जोन में

By JagranEdited By:
Published: Thu, 24 Mar 2022 05:47 PM (IST)

जागरण संवाददाता मीरजापुर जल स्तर मामले में विकास खंड मझवां सीखड़ व कोन डार्क जोन की

मझवां, सीखड़ व कोन ब्लाक डार्क जोन में
मझवां, सीखड़ व कोन ब्लाक डार्क जोन में

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जल स्तर मामले में विकास खंड मझवां, सीखड़ व कोन डार्क जोन की श्रेणी में, यदि हम अब भी न चेते तो भविष्य में पेयजल को लेकर खासी परेशानी उठानी पड़ सकती है। विकास खंड मझवां व सीखड़ क्रिटिकल श्रेणी में तो छानबे व सिटी सेमी क्रिटिकल की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि विकास खंड नरायनपुर, जमालपुर, हलिया, लालगंज, राजगढ़, पहाड़ी व मड़िहान में राहत है। मीरजापुर में औसत जल स्तर प्री में 10.54 तो पोस्ट में 7.09 रिकार्ड किया गया है।

भूगर्भ जल विभाग की सहायक भू भौतिकविद सृष्टि जायसवाल ने बताया कि विकास खंड छानबे में प्री में 3.59 मीटर की बढ़ोतरी तो पोस्ट में 1.03 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं हलिया में प्री में 0.01 मीटर और पोस्ट में 0.2 मीटर की गिरावट दर्ज की गई। जमालपुर में प्री में 1.06 मीटर वृद्धि और पोस्ट में 0.04 मीटर की गिरावट, कोन में प्री में 0.53 मीटर बढ़ोतरी ओर पोस्ट में 0.66 मीटर की गिरावट, लालगंज में प्री में 0.09 मीटर और पोस्ट में 0.33 मीटर की बढ़ोतरी, मझवां में प्री में 1.23 मीटर की बढ़ोतरी तो पोस्ट में 1.25 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। विकास खंड मड़िहान में प्री में 4.07 मीटर और पोस्ट में 0.27 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। सिटी ब्लाक में प्री में 0.8 मीटर और पोस्ट में 0.84 मीटर की गिरावट आई है। नरायनपुर में प्री में 0.49 मीटर की बढ़ोतरी तो पोस्ट में 0.48 मीटर की गिरावट दर्ज की गई। पहाड़ी में प्री में 0.8 मीटर और पोस्ट में 0.06 मीटर की बढ़ोतरी, राजगढ़ में प्री में 1.85 मीटर और पोस्ट में 0.24 मीटर तथा सीखड़ ब्लाक में प्री में 0.32 और पोस्ट में 0.34 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रेन वाटर हार्वेस्टिग प्रणाली बन रही सहारा

जल संरक्षण में रेन वाटर हार्वेस्टिग प्रणाली सहारा बन रहा है। रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिग प्रणाली में वर्षा के जल का संग्रहण अथवा एकत्रीकरण किया जाता है। इस प्रणाली में घरों की छतों पर पड़ने वाले वर्षा जल को गैलवेनाईज्ड आयरन, एल्यूमिनियम, मिट्टी की टाइलें अथवा कंक्रीट की छत की सहायता से जल एकत्रीकरण के लिये बने टंकियों अथवा भूजल रिचार्ज संरचना से जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार एकत्रित जल का प्रयोग सामान्य घरेलू उपयोग के अलावा भूजल स्तर बढ़ाने में भी किया जाता है। -----------------------

वर्जन जल स्तर के मद्देनजर विकास खंड सिटी नगर, छानबे, मझवां और कोन को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। सीखड़ ब्लाक को सेमी क्रिटिकल श्रेणी में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में 200 वर्ग मीटर के ऊपर के सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिग लगवाने का निर्देश दिया गया है। - श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य विकास अधिकारी, मीरजापुर।