जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित कुमार यादव द्वितीय की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला जेल में जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें सचिव ने आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को बताया कि सिद्धदोष बंदियों की समय पूर्व रिहाई पारित आदेश के मापदंड के अनुसार किया जाएगा। जेल अधीक्षक अरूण कुमार मिश्र ने बताया कि सजा पा चुके बंदियों के प्रार्थना पत्र देने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। यह प्रार्थना पत्र वर्तमान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दिया जाना है। इस दौरान डिप्टी जेलर सुभाष यादव, दीपक श्रीवास्तव, समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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