जागरण संवाददाता, मीरजापुर : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही धांधली को लेकर अब कई संगठन आगे आने लगे हैं। बुधवार को मीरजापुर सेवा समिति ने विरोध प्रदर्शन कर जिले में स्वीकृत किए गए प्रधानमंत्री आवास की स्थलीय जांच कराने की मांग उठाई। साथ ही डूडा सहित एनजीओ सीएलटीसी व पटना की एक संस्था जिन पर पीएम आवास स्वीकृत करने की जिम्मेदारी है, इनकी भी जांच कराई जाए।

इस मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेटर परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया और सभी पीएम आवासों की स्थलीय जांच कराने की मांग की गई। मीरजापुर सेवा समिति के संयोजक दिलीप ¨सह गहरवार ने बताया कि जिले के गरीब, असहाय, निर्धन व बेसहारा व्यक्तियों के लिए यह योजना लाई गई लेकिन अधिकारियों, एनजीओ व निजी एजेंसी की मिलीभगत से अपात्रों को आवास दिए जा रहे हैं। इसके लिए पैसे की वसूली भी की जा रही है, इसलिए हमारी मांग है जिले में स्वीकृत आवास की जांच की जाए ताकि पात्र व अपात्र सामने आ सकें। उन्होंने आरोप लगाया डूडा के कर्मचारी-अधिकारियों की मिली भगत से प्रति आवास 30 से 50 हजार रुपये रिश्वत लेकर हजारों आवास ऐसे लोगों को दे दिए गए जिनके पास पहले से ही पक्का मकान मौजूद है इसलिए इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इस अवसर पर दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन किया।

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