जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिले की एक सहायक अध्यापिका के पति आइआरएस अधिकारी हैं इसलिए सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात पत्नी ने बीएलओ का कार्य करने से स्पष्ट मना कर दिया। इससे अधिकारियों के पसीने छूटने लगे। बात जब सिटी मजिस्ट्रेट तक पहुंची तो उन्होंने इस पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

इस समय जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है और नगर विधानसभा में कुल 419 बीएलओ को कार्य सौंपा गया। जिसमें 26 बीएलओ ने अभी तक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण कार्यालय से निर्वाचन सूची नहीं ली है। जिस पर प्रशासन पहले भी सख्त कदम उठाने की बात कह चुका है। इन सभी 26 लोगों की जानकारी जब संबंधित सुपरवाइजर से मांगी गई तो इसमें एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। नगर क्षेत्र के एक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात महिला जिसके पति आइआरएस अधिकारी हैं, ने बीएलओ का कार्य करने से साफ मना कर दिया। जिससे भड़के सिटी मजिस्ट्रेट ने उनका मानदेय रोकने का आदेश दिया और जांच बैठा दी। रिपोर्ट मिलने के बाद सहायक अध्यापिका पर एफआइआर भी दर्ज की जा सकती है। सही कारण मिला तो माफी

मतदाता पुनरीक्षण सूची से संबंधित बैठक के दौरान एक मामला ऐसा भी आया जिसमें अध्यापिका के बेटे का कैंसर होने की वजह से उन्हें इलाज के लिए मुंबई जाना पड़ रहा है, ऐसे में वे बीएलओ का कार्य नहीं कर पाएंगी। इस मसले पर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा कोई कार्रवाई न करने की हिदायत दी गई और कहा कि यह दु:खद बात है, इसलिए उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता। बैठक में शामिल हुए अधिकारी

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बीएलओ कार्य से मना करने वाले सीमा देवी, रज्जू शर्मा, अन्नू यादव, सरिता भारती, रेखा तिवारी, विजयलक्ष्मी, रौनक आरा, भाव्या ¨सह, फिरदौस बेगम, गीता मौर्य, लक्ष्मीचंद, रामदयाल, अनुराग ¨सह, कृपाशंकर यादव, ममता गुप्ता सहित कुल 26 ऐसे बीएलओ जिन्होंने कोई न कोई कारण बताकर कार्य से इंकार किया है। इसकी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारी को इनका विकल्प तलाशने की हिदायत दी गई है।

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'मतदाता सूची का कार्य अति महत्वपूर्ण है और इससे इन्कार करने वालों का मानदेय रोका जाएगा और आश्यकता पड़ी तो एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। चाहे वह कोई भी हो, सब पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।'

-सुशील लाल श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट

Posted By: Jagran