जागरण संवाददाता, मीरजापुर : गंगा का जलस्तर सतर्कता ¨बदु के बेहद करीब पहुंच गया। बुधवार दोपहर हालात बिगड़ने लगे तो एडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा के तटवर्ती गांवों का दौरा किया और मौके पर हो रहे नुकसान व परेशानियों को देखा। तटवर्ती इलाकों के लोग अब एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पानी में तैरकर पार हो रहे हैं और मवेशियों को भी तैरना पड़ रहा है। यही हालात नेवढि़यां, बरैनी सहित चुनार तक है, जहां गंगा के पानी से सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। कोन ब्लाक में गंगा बाढ़ का पानी से चारों तरफ से घिर गया है। अकेले मझरा क्षेत्र में लगभग एक हजार से ज्यादा मवेशी व किसान परिवार रहते हैं। अब इन्हें तैरकर मझरा से आना जाना पड़ रहा है। गंगा के जलस्तर की सतर्कता ¨बदु 76.44 मीटर है जहां तक पानी लगभग पहुंच गया है क्योंकि बुधवार को गंगा का जलस्तर 75 मीटर का निशान पार कर गया और शाम तक यह स्थिर ही रहा। बाढ़ अधिकारी अशफाक ने बताया कि बारिश नहीं हुई तो अब बढ़ाव होने की संभावना कम है। एडीएम ने किया दौरा

जासं, चील्ह (मीरजापुर) : बुधवार को अपर जिला अधिकारी राजितराम प्रजापति तथा नायब तहसीलदार संतोष कुमार ने हर¨सहपुर गांव में बाढ़ के हालात को देखा। गंगा का पानी अब हरसिहंपुर, मल्लेपुर, खुलुवा, मझलीपट्टी, सेमरा, मिश्रधाप, मुजेहरा लखनपुर, मझिगवां सहित दर्जन भर से ज्यादा गांवों में घुस गया है। इसकी वजह से सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई है जिससे लाखों रुपए की का नुकसान किसानों को अब तक हो चुका है। गंगा के बढ़ते पानी को देखते हुए अपर जिलाधिकारी राजितराम प्रजापति तथा नायब तहसीलदार संतोष कुमार ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। एडीएम ने बताया कि जलस्तर अब स्थिर है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। बनाए गए 12 राहत शिविर

जासं, श्रीनिवासधाम (मीरजापुर) : उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि सदर में श्रीनिवासधाम, जोपा, बबुरा, अकोढ़ी, ¨वध्याचल, चील्ह, नेवढि़याघाट, भटौलीघाट, कनौरा, ¨सधुरियाघाट, कछवां सहित कुल 12 राहत शिविर कैंप बनाए गए हैं और सुरक्षा के लिहाज से नौका संचालन बंद कर दिया गया है। क्योंकि गंगा का जलस्तर बढ़ने से गोगांव, खैरा, बसेवरा, नगवासी, दुगौली, मिश्रपुर, डंगहर, कोठरा व गौरा समेत अन्य तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं शासन द्वारा तटवर्ती भागों में अलर्ट जारी कर दिया गया है द्य इसके साथ ही पुलिस, लेखपाल, कानूनगो समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी गंगा के तटवर्ती भागों में निरीक्षण में लगे हुए हैं।

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