जागरण संवाददाता, मीरजापुर : केंद्र सरकार की ओर से कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बीस लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिए जाने की घोषणा को व्यापारियों को सराहा। वहीं कुछ व्यापारियों ने व्यापार जगत में सुधार होने की बात कही है। व्यापारियों ने आर्थिक पैकेज का स्वागत करते हुए कहा कि इससे व्यापार व उद्योग जगत को काफी लाभ मिलेगा। लगातार लॉकडाउन का प्रभाव व्यापार जगत पर भी पड़ रहा था। अब प्रधानमंत्री के पैकेज से व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत मिले पैकेज से लघु उद्योग, कुटीर व ग्रामोद्योग व मझोले उद्योग को संबल मिलेगा। इससे व्यापार को संजीवनी मिलेगी। कहा कि आर्थिक तंगी के बन रहे हालात के बीच पीएम का आर्थिक पैकेज भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का प्रमाण है। वहीं कुछ व्यापारियों ने यहां तक कहा कि सरकार को जिससे ज्यादा राजस्व मिल रहा है उसे खोला जा रहा है। क्या शराब की दुकान खोले जाने से कोरोना नहीं फैल सकती। व्यापारियों के साथ सरकार का यह सौतेला व्यापार किसलिए ? केवल व्यापार के लिए अधिकार दे दिया जाए तो व्यापारी खुद-ब-खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि मार्च के महीने में जो व्यापारियों का जीएसटी बनता है यदि सरकार उसे माफ कर दे तो लॉकडाउन से उपजी आर्थिक संकट से लड़ा जा सकेगा। क्या बोले व्यापारी ------- सरकार को घोषणा कर दी लेकिन बैंक छोटे व्यापारियों को कॉपरेट नहीं करती। इसलिए छोटे व्यापारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। सरकार को चाहिए कि छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी के लोन प्रदान करने के लिए बैंक को निर्देशित करें।

- उदय चंद गुप्ता, व्यापारी मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए पहली बार यह घोषणा की गई है। यह सराहनीय योग्य है लेकिन सभी व्यापारियों को इसका लाभ मिल पाना संभव नहीं है।

- रविद्र जायसवाल, व्यापारी सरकार से अनुरोध है कि छोटे व्यापारियों के लिए कोई स्थायी समाधान निकाले। हम लोगों को जब व्यापार चलाने का अधिकार दिया जाएगा तभी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

- श्रीराम साहू, व्यापारी सरकार की घोषणा से व्यापारियों को कोई राहत नहीं होगी, क्योंकि बैंक सिर्फ उन व्यापारियों को रिस्पांस्बिलिटी देती है जो उनका कमीशन दे दे।

- मुकेश साहू, व्यापारी

Posted By: Jagran

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