जागरण संवाददाता, मीरजापुर : युवती से डेबिट कार्ड की जानकारी लेकिन यूपीआइ एप के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी करके खाते से निकाले गए 21500 रुपये वापस कराए गए। आवेदिका प्रगति सिंह निवासी अंजही महुअरिया थाना कोतवाली कटरा ने पुलिस कार्यालय में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा 24 फरवरी 2020 को मोबाइल पर डेबिट कार्ड की जानकारी ली गई। कुछ ही देर बाद खाते से 21500 रुपये निकाल लिया गया। साइबर क्राइम सेल द्वारा तत्काल शिकायत का संज्ञान लिया व कार्रवाई की। इसके बाद शिकायतकर्ता के खाते कुल 21500 रुपये वापस प्राप्त हुए। इस पर शिकायतकर्ता प्रगति सिंह ने साइबर क्राइम टीम की प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया। टीम में प्रभारी साइबर क्राइम मानवेंद्र सिंह, गणेश प्रसाद गौड़, एहसान खान शामिल रहे।

न करें किसी पर भरोसा

पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि आपको बैंक या बैंक के कॉल सेंटर से जुड़े होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति का फोन आए तो आंख बंदकर बिल्कुल भरोसा न करें। यह जान लें कि न ही रिजर्व बैंक या अन्य बैंक से इस तरह के फोन नहीं किए जाते हैं।

एप न करें डाउनलोड

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोई व्यक्ति आपको क्विकसपोर्ट, एनीडेस्क, वीएनसी, टीम व्यूवर, सीसस्क्रीन, बीएनीव्हेयर, लागमें और स्काइफेक्सेट जैसे ऐप को इंस्टाल करने को कहे तो यह कतई न करें। यह सारे ऐप धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े हो सकते हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस