जासं, मीरजापुर : अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि फाइलेरिया रोग संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। जिसके कारण किसी भी उम्र का व्यक्ति ग्रसित हो सकता है। वे सीएमओ कार्यालय स्थित विवेकानन्द सभागार में फाइलेरिया रोग उन्मूलन हेतु आयोजित बैठक में बोल रहे थे। 

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राय: इस रोग का संक्रमण बाल्यावस्था में ही हो जाता है। परन्तु उसका लक्षण पांच से सात वर्ष को बाद ही प्रकट होता है। इसके बाद इसका कोई इलाज नहीं रह जाता है। पूरी दुनिया में दिव्यांगता उसका यह सबसे बड़ा दूसरा कारण है। इससे ग्रसित व्यक्ति के हाथ, पैर अंडकोष तथा महिलाओं के स्तन का आकार काफी बढ़ जाता है। जिसको क्रमश: लिम्फोइडिमा तथा हाइड्रोशील के नाम से जाना जाता है। कहा कि पेशाब में सफेद पदार्थ का पाया जाना तथा लम्बे समय तक सूखी खांसी फाइलेरिया का लक्षण हो सकता है। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित टीओटी में प्रशिक्षण प्राप्त अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (वीवीडी) डा. अजय कुमार व जिला मलेरिया अधिकारी संजय द्विवेदी ने डीओटी में शामिल लोगों को आइडीए 2019 के विषय में विस्तृत जानकारी दी। कहा कि यह अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगा। सभी आंगनबाड़ी, आशा व स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर अपनी मौजूदगी में दवा खिलाने का कार्य करेंगे। अभियान के दौरान सोमवार, मंगलवार, गुरूवार तथा शुक्रवार को दवा खिलाएंगे । छूटे हुए लोगों को बुधवार, शनिवार तथा रविवार को दवा खिलाने का कार्य होगा। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद में डीईसी, एल्वेन्डाजोल व आइवारमेबिटन सहित तीन दवायें लोगो को खिलाई जाएंगी।

Posted By: Jagran

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