मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

- एक तरफ प्रशासन उन्हें सोनभद्र जाने से रोकने पर अड़ा

- दूसरी तरफ प्रियंका हर हाल में पीड़ित परिवार से मिलने पर आमादा जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिला प्रशासन व प्रियंका वाड्रा के बीच सुबह से चल रही रस्साकसी देर रात तक चलती रही। प्रशासन जहां उन्हें सोनभद्र जाने से रोकने पर अड़ा रहा वहीं प्रियंका भी पीड़ित परिवार से मिलने पर आमादा रहीं। यही कारण रहा कि जिला प्रशासन व प्रियंका के बीच कई दौर की वार्ता बेनजीता साबित हुई। रात करीब आठ बजे राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया भी पहुंचे जिसके बाद प्रियंका के यहीं रात रुकने की बात की गई।

राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया ने जागरण से बातचीत के दौरान कहा कि प्रियंका वाड्रा और उनके साथ सोनभद्र जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता बलवा करने नहीं जा रहे थे। हम सिर्फ अपनी संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे। नरसंहार में मारे गए लोग किसी पार्टी या दल के नहीं थे। ऐसे में जिला प्रशासन की यह कार्रवाई निदनीय है। जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। वहीं कांग्रेस के अन्य नेता भी प्रियंका के साथ नजर आए और रुक-रुककर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाती रही। शाम को जब लगा कि प्रियंका रात यहीं रुकेंगी उसके बाद से कार्यकर्ताओं द्वारा भोजन आदि की व्यवस्था की जाने लगी। चुनार डाक बंगले में जिले सहित आसपास के जिलों के कई दिग्गज कांग्रेसी पहुंचे हैं जो अपनी नेता की हर बात को मानने के लिए तैयार हैं। प्रशासन भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं। वहीं सूत्रों की मानें तो प्रशासन 24 घंटे तक हिरासत में रखने के लिए कागजात तैयार करने में जुटा हुआ है।

--------- एक घंटे तक गुल रही बिजली

अंधेरा गहराते ही चुनार किले के डाक बंगले की बत्ती अचानक गुल हो गई। वहां काफी अंधेरा होने की वजह से कार्यकर्ता अपने मोबाइल की लाइट से काम चलाते रहे। इसके बाद नगर पालिका परिषद चुनार द्वारा बिजली आपूर्ति दुरुस्त कराई गई। इस बीच लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। बिजली आने के बाद हालात सामान्य हुए।

Posted By: Jagran

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