जासं, विध्याचल (मीरजापुर) : विध्याचल मंदिर के कपाट होने के बाद अब मंदिर से 50 फीट पहले ही बैरिकेडिग कर दी गई जिससे श्रद्धालु मंदिर की सीढि़यों तक भी नहीं पहुंच सकेंगे। श्रीविध्य पंडा समाज की आम सभा बैठक में विध्याचल मंदिर सहित अष्टभुजा व कालीखोह मंदिरों को बंद करने का निर्णय लिया गया जिसके बाद से मंदिर क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।

विध्याचल की आम गलियां जो दिन रात श्रद्धालुओं, पुजारियों, दुकानदारों व अन्य लोगों से गुलजार रहती थीं वहां शनिवार को स्यापा पसरा रहा। ज्यादातर दुकानें भी बंद दिखीं क्योंकि जब दर्शनार्थी ही नहीं आएंगे तो फिर दुकान खोलने का क्या फायदा। स्थानीय लोगों ने बताया कि गंगा किनारे स्नान करने वालों की भी संख्या बेहद कम हो गई। मंदिर के कपाट बंद होने की जानकारी लेने के लिए श्रद्धालु जान पहचान के पंडा पुजारियों को भी फोन कर रहे हैं। चैत्र नवरात्र में आने वाले यहां की जानकारी लेकिन अपनी बुकिग कैंसिल करा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो मंदिर से 50 फीट पहले ही रोक दिया गया है। यदि यह प्रतिबंध न लगे तो लोग कम से कम मंदिर की सीढि़यों पर मत्था टेक सकेंगे।

Posted By: Jagran

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