भागती-दौड़ती जिंदगी का ‘सहारा’ बना सैंडविच... ब्रेड की दो स्लाइस के बीच सिमटी दिलचस्प दास्तां
विश्व सैंडविच दिवस पर मेरठ में सैंडविच की लोकप्रियता और विविधता पर प्रकाश डाला गया है, जहाँ 15 से अधिक ...और पढ़ें

पीएल शर्मा रोड पर किंग बेकर्स के काउंटर में रखा सैंडविच। जागरण
HighLights
15 से ज्यादा प्रकार के ग्रील्ड सैंडविच रेस्टोरेंटों में परोसे जा रहे
सामान्य वेज सैंडविच ग्राहकों की सर्वाधिक पसंद और डिमांडिंग
जागरण संवाददाता, मेरठ। आज तीन नवंबर की तिथि उस लोकप्रिय व्यंजन सैंडविच को समर्पित है, जो बदलावों के बीच हर उम्र और स्वाद वालों को लुभाता रहा है। व्यस्त जिंदगी में पेट पूजा करने को झटपट तैयार होने वाला सैंडविच जितना बनाना आसान है, उतना ही खाना भी। इसे हर किसी के स्वाद के मुताबिक बदला भी जा सकता है। मेरठ में रेस्टोरेंटों समेत नामचीन आउटलेट पर लोग सैंडविच का स्वाद लेने पहुंचते हैं।

लोगों के जायके को देखते हुए इसके प्रकार भी अनेक हो गए हैं और सामान्य वेज सैंडविच के अलावा 15 से ज्यादा प्रकार सैंडविच तैयार किए जा रहे हैं। ब्रेड के दो स्लाइस के बीच पनीर टिक्का लगा दिया, तो इसका नाम पनीर टिक्का सैंडविच हो गया और मखनी मशरूम या मखनी चाप लगा दिया, तो इसी अनुरूप नाम हो गया। ग्रील्ड सैंडविच के ढेरों प्रकार होने के बावजूद सर्वाधिक डिमांड सामान्य वेज सैंडविच की ही है।
गढ़ रोड पर सबवे रेस्टोरेंट पर कार्यरत प्रिया बताती हैं कि वेजी डिलाइट सैंडविच के अलावा ग्रील्ड में पनीर टिक्का सैंडविच खूब पसंद किया जाता है। पीएल शर्मा रोड पर किंग बेकरी के संचालक अरुण अरोड़ा और श्रवण अरोड़ा बताते हैं कि ग्रील्ड सैंडविच में ग्राहक जिस तरह के स्वाद की डिमांड करता है, वैसा ही आर्डर पर तैयार करा दिया जाता है, सामान्य वेज सैंडविज पहले से ही शोरूम में तैयार रखते हैं।
अरुण बताते हैं कि बेकरी चलाते 50 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन सैंडविच 15 साल से बेच रहे हैं। इस दौरान ग्रील्ड सैंडविच में लगातार बदलाव हुए हैं। वहीं, बांबे बाजार में सिटी बेकरी के संचालक अमन चुघ और जयकिशन का कहना है कि पहले छोटी ब्रेड का सैंडविच बनता था, अब जंबो ब्रेड आ गई है। वेजिटेबल और चीज-कैप्सीकम सैंडविच ज्यादा पसंद की जाती है।
यूं हुई सैंडविच की शुरुआत
सैंडविच की कहानी दिलचस्प है। कहा जाता है कि ब्रिटेन में सैंडविच के चौथे अर्ल जान मोंटागु ने साल 1762 में इसे पहली बार बनवाया था। उन्होंने अपने रसोइए से कहा था कि ऐसा कुछ बना दो जिसे खाने पर हाथ गंदे न हों। तब रसोइए ने दो ब्रेड स्लाइस के बीच मीट रखकर उन्हें परोसा और इस तरह सैंडविच का जन्म हुआ। दुनिया के कई हिस्सों में सदियों से लोग ब्रेड या रोटी के बीच सब्जी या मीट रखकर खाते थे, लेकिन मोंटेगू ने इस तरीके को लोकप्रिय बना दिया। सामान्य सैंडविच बिना पकाए ताजी ब्रेड के दो स्लाइस के बीच फ्लेवर के अनुसार सामग्री लगाकर सर्व किया जाता है, जबकि ग्रील्ड सैंडविच तवा, कड़ाही या सैंडविच ग्रिल/पैनिनी मेकर में मक्खन या घी लगाकर दोनों तरफ से सेंका जाता है।
सैंडविच के प्रकार
वेज सैंडविच
आलू पेटी सैंडविच
कोर्न पीस सैंडविच
वेज शामी सैंडविच
चिली बींस सैंडविच
पनीर टिक्का सैंडविच
ग्रिल्ड मखनी पनीर सैंडविच
तंदूरी पनीर सैंडविच
शेजवान पनीर सैंडविच
मखनी मशरूम सैंडविच
तंदूरी मशरूम सैंडविच
शेजवान मशरूम सैंडविच
मखनी चाप सैंडविच
तंदूरी चाप सैंडविच
शेजवान चाप सैंडविच
पाश्ता सैंडविच
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