मेरठ,जेएनएन। जहां एक ओर कोरोना महामारी ने कहर बरपा रखा है और चारों ओर मौत का मंजर देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन बरसात के मौसम में गंगा की बाढ़ से ग्रामीणों को बचाने का प्रयास भी कर रहा है। कोरोना काल में भी गंगा किनारे कटाव निरोधक तैयार किया जा रहा है। कार्य के जारी रहने से जहां एक ओर लाकडाउन में बेरोजगारों को कार्य मिल रहा है, वहीं खादर क्षेत्र के किसानों को बाढ़ से नुकसान नहीं उठाना होगा।

बरसात के मौसम में गंगा की बाढ़ से खादर क्षेत्र में तबाही मचती है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से हजारों हेक्टेअर फसल बर्बाद होती है साथ ही सैकड़ों ग्रामीण बेघर हो जाते हैं। इससे बचाव को क्षेत्र में तीन कटाव निरोधक स्वीकृत हुए थे। सिचाई विभाग के एसडीओ पीके जैन ने बताया कि पहला कटाव निरोधक फतेहपुर प्रेम में स्वीकृत हुआ। जिस पर गत वर्ष लाकडाउन में ही कार्य शुरू किया गया था। उक्त कार्य में भी लाकडाउन में सैकड़ों श्रमिकों को कार्य मिला था। अब फिर से लाकडाउन है। लेकिन बाढ़ से सुरक्षित रहने के लिए कटाव निरोधक का निर्माण भी जरूरी है। ऐसी विषम परिस्थितियों में विभाग हंसापुर परसापुर में कटाव निरोधक का कार्य करा रहा है। उक्त कार्य में लगभग सौ श्रमिक रोजाना कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि बरसात के समय से पूर्व दोनों कटाव निरोधक का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। जिससे ग्रामीणों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। कहा कि कार्य के दौरान श्रमिक कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क लगाकर कार्य कर रहे है।