मेरठ, जेनएएन। खरखौदा थाना क्षेत्र में मिले शव का राजफाश करते हुए पुलिस ने हत्यारोपित मां-बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक लाख रुपये के विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। महिला आरोपित मां-बेटे के खिलाफ बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा कराने की धमकी दे रही थी।

कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के रोहटा रोड किशनपुरा निवासी मीनाक्षी (मूल पता, मुजफ्फरनगर के थाना भौराकलां गांव सिसौली) की जान-पहचान हापुड़ के थाना धौलाना गांव बीघेपुर निवासी मुन्नी देवी हाल पता गुर्जर चौक आंबेडकर कालोनी के पास लिसाड़ी गेट से थी। प्रेसवार्ता में एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि मीनाक्षी टीपीनगर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करती थी। उसकी नाबालिग बड़ी बेटी नेहा मुन्नी देवी के यहां रहती थी। अप्रैल 21 में मुन्नी ने हापुड़ निवासी युवक से उसकी शादी कर दी थी, जिसकी जानकारी मीनाक्षी को भी नहीं दी थी। आरोप है कि इसके लिए दो लाख रुपये लिए थे। पता चलने पर मीनाक्षी उससे एक लाख रुपये लेने का दबाव बना रही थी। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रही थी। उसे रास्ते से हटाने के लिए मुन्नी और उसका बेटा विक्की योजना के तहत एक अक्टूबर को खरखौदा क्षेत्र में ले गए और दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने सभी थानों में फोटो चस्पा किए थे। स्वजन जब गुमशुदगी दर्ज कराने टीपीनगर थाने पहुंचे तो उनको जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। फैक्ट्री की फुटेज में भी आरोपित उसे ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिया है।

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