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सांप के डसने का ड्रामा फेल: पति की हत्या करने के बाद चारपाई पर सांप छोड़ने वाली पत्नी और प्रेमी दोषी करार

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 07 Oct 2026 03:13 PM (IST)

मेरठ के अकबरपुर सादात में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार ...और पढ़ें

पुलिस हिरासत में आरोपित। फाइल फोटो

पुलिस हिरासत में आरोपित। फाइल फोटो

HighLights

  1. अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी करार।

  2. हत्या के बाद शव के पास चाय-नाश्ता रखकर रचा था नाटक, चारपाई पर दबा मिला था सांप।

जागरण संवाददाता, मेरठ। बहसूमा के गांव अकबरपुर सादात में हुए अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी माना है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने बुधवार को मामले में निर्णय सुनाया। फैसला सुनाए जाने के दौरान दोनों आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से अदालत में पेश किया गया। अमित की मां मुनेश ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की पत्नी रविता ने पड़ोसी प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के आरोप पत्र में कहा गया है कि रविता ने अमित का हाथ पकड़ा था, जबकि अमरदीप ने उसका गला दबाया। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और घटना को दूसरा रूप देने के लिए शव के पास चारपाई पर सांप छोड़ दिया गया था।

सुबह बच्चे ने जगाया तो सामने आया पूरा मामला

13 अप्रैल की सुबह अमित का पांच वर्षीय बेटा अनिकेत उसे जगाने पहुंचा। काफी प्रयास के बाद भी अमित नहीं उठा तो उसने शोर मचाया। स्वजन ने आकर देखा तो अमित की कमर के नीचे सांप दबा हुआ था। पिंटू और सुखपाल ने सांप को डिब्बे में बंद कर दिया। अमित के चेहरे, गर्दन और नाक पर चोट के सात निशान मिले थे। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

सांप खरीदने वाले सपेरे की गवाही बनी अहम कड़ी

मामले में 12 गवाहों की गवाही हुई। अमित का भाई मोनू और मां मुनेश मुख्य गवाह रहे। उन्होंने अदालत में अमरदीप को हत्या वाली रात घर में प्रवेश करते देखने की बात कही। सपेरे कीर्तन की गवाही भी अहम रही। उसने अदालत में अमरदीप की पहचान करते हुए बताया कि अमरदीप ने माता के जागरण में पूजा के लिए उससे एक हजार रुपये में सांप खरीदा था।

अभियोजन पक्ष की ओर से सभी गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद बहस भी पूरी हो चुकी थी। रविता की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया, जबकि अमरदीप के चाचा ने उसके पक्ष में गवाही देते हुए कहा कि हत्या वाले दिन अमरदीप अपने मामा के घर पर था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी माना।

अधिवक्ता बलराज सिंह ने बताया कि मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार दोनों आरोपितों को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया।