मेरठ, जागरण संवाददाता। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। बुखार आने पर उसे हल्के में बिल्कुल न लें, क्योंकि बुखार डेंगू, वायरल के अलावा स्क्रब टायफस व लेप्टोस्पायरोसिस समेत अन्य बीमारी से संक्रमित होने का एक अलार्म हो सकता है। इसी कारण यह चिंता का विषय है। चिकित्सकों का कहना कि बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

जिले में कैली गांव में स्क्रब टायफस का पहला मरीज मिलने से इसकी रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर सर्वे किया, जिसमें कोई मरीज नहीं मिला। मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. अर¨वद कुमार ने बताया कि स्क्रब टायफस व लेप्टोस्पायरोसिस से ग्रसित मरीज में उभरने वाले लक्षण डेंगू व मलेरिया से मेल खाने की वजह इसका समय रहते उपचार शुरू करना जरूरी है। स्क्रब टायफस व लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी जानवरों द्वारा इंसानों में फैलती हैं। इसी कारण इन दोनों बीमारियों की चपेट में आने का खतरा उन लोगों में अधिक है, जो पशुपालन, ग्रामीण परिवेश या झाड़ी या जंगल के आसपास रहते हैं। दोनों रोग बैक्टीरिया से इंसानों में फैलते हैं। इसी वजह से इनसे ग्रसित मरीज को दो से तीन हफ्ते तक उचित इलाज न मिलने पर उसकी समस्या बढ़ सकती है। लापरवाही बरतने पर मरीज की जान तक पर बन सकती है। मेडिकल में संदिग्ध मरीजों में रोग की पहचान के लिए जांच होगी।

स्क्रब टायफस के लक्षण

बुखार के साथ सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द

जी मितलाना, उल्टी होना

शरीर पर छोटे-छोटे काले निशान के साथ दाने, पपड़ी

पैरों व शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छोटी-छोटी गिल्टी

लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण

100 से 104 फारेनहाइट तक बुखार

पीलिया से मिलते-जुलते कुछ लक्षण

पैरों में सूजन 

Edited By: Himanshu Dwivedi

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