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जब 'जानी' का जवानी का चेहरा बने थे वेद, फिल्म 'सौदागर' में 30 साल बाद पर्दे पर एक साथ दिखे थे दिलीप कुमार और राजकुमार

By Praveen VashishthaEdited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 19 Sep 2026 02:59 PM (IST)

Jagran Film Festival: मेरठ निवासी वेद थापर ने सुभाष घई की फिल्म 'सौदागर' में राजकुमार के युवा किरदार को अपनी ...और पढ़ें

फिल्म सौदागर का पोस्टर, फिल्म में राजकुमार की युवावस्था के रोल में मेरठ के मूल निवासी वेद थापर। सौ. विकीपीडिया और सोशल मीडिया

फिल्म सौदागर का पोस्टर, फिल्म में राजकुमार की युवावस्था के रोल में मेरठ के मूल निवासी वेद थापर। सौ. विकीपीडिया और सोशल मीडिया

HighLights

  1. मेरठ के वेद थापर ने 'सौदागर' में राजकुमार के युवा किरदार को जीवंत किया।

  2. मेरठ में जागरण फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी फिल्म 'सौदागर' ।

प्रवीण वशिष्ठ, मेरठ। बाॅलीवुड में किसी जाने-माने अभिनेता या अभिनेत्री की आवाज डबिंग आर्टिस्ट से डब कराने का पुराना चलन है, लेकिन मशहूर अभिनेता का पर्दे पर किसी नए कलाकार के डायलाॅग बोलने को अजूबा ही कहा जाएगा, लेकिन ऐसा वर्ष 1991 में आई सुभाष घई की सुपर हिट फिल्म सौदागर में हुआ था। इस फिल्म को आप शहर के शाप्रिक्स मॉल में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल में रविवार को देख सकते हैं।

1959 के बाद साथ आए थे दो दिग्गज दिलीप कुमार और राजकुमार

वर्ष 1959 में आई पैगाम के बाद दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार और राजकुमार ने कभी एक फिल्म में काम नहीं किया था। सौदागर में दोनों का साथ आना उस दौर में बहुत बड़ी बात थी। खास बात यह है कि दोनों की जवानी का रोल अन्य कलाकारों ने किया था। वीर सिंह यानि दिलीप कुमार बने थे जाहिद अली और राजेश्वर सिंह यानि राजकुमार बने थे वेद थापर।

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फिल्म सौदागर के एक दृश्य में जाहिद अली, वेद थापर (मध्य में) और गुलशन ग्रोवर। सौ. सोशल मीडिया

मेरठ के निवासी हैं वेद थापर

वेद थापर मेरठ के मूल निवासी हैं। पर्दे पर वेद थापर की डबिंग राजकुमार ने ही की थी। आवाज भले ही राजकुमार की थी, लेकिन राजकुमार के अंदाज को अपने शानदार अभिनय से पर्दे पर उताकर छोटी सी भूमिका में भी वेद थापर छा गए थे।
उनका चेहरा और चाल राजकुमार ने बहुत अधिक समानता लिए हुए था। इसे देखकर कई दर्शक पहली नजर में उन्हें राजकुमार ही समझने लगते थे। फिल्म के हिट गीत 'इमली का बूटा...' का शुरुआती हिस्सा भी उन पर फिल्माया गया था।

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वेद थापर। सौ. इंस्टाग्राम

ऐसे मिली थी सौदागर

युवावस्था की शुरुआत में वेद थापर इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन यानि इम्पा (IMPPA) के एक टैलेंट हंट में हिस्सा लेने मुम्बई पहुंचे और सफल रहे। हालांकि उनका अधिक जुड़ाव वहां भी रंगमंच से रहा, जो वर्तमान में भी जारी है।

एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि रंगमंच पर उनके अभिनय को देखकर प्रसिद्ध अभिनेत्री दीप्ति नवल ने उनका नाम फिल्मकार सुभाष घई को सुझाया और उन्हें सौदागर में राजकुमार की जवानी का रोल करने का मौका मिल गया। दीप्ति नवल ने भी इस फिल्म में एक भूमिका की थी।

राजा और रैंचो से हुए मशहूर

सौदागर फिल्म के बाद वेद थापर ने कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया। उन्हें सबसे अधिक कामयाबी राजा और रैंचो से मिली। उनके काम को भारत एक खोज, जी हारर शो, आहट, अदालत, बड़े अच्छे लगते हैं आदि धारावाहिकों और दुश्मनी, लज्जा, गली बॉय आदि फिल्मों में भी सराहा गया।

सामाजिक कार्याें से जुड़े हैं वेद

कला के साथ-साथ समाजसेवा से भी वेद थापर जुड़े हैं। मुम्बई में वह हम आवाज नाम का एनजीओ चलाते हैं। इसके माध्यम से वह नशा मुक्ति और अन्य कुरितियों को लेकर लोगों को जागरूक करते हैं। बचपन से ही शहीद भगत सिंह से प्रभावित रहे हैं।

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