जागरण सवांददाता, मेरठ। मेरठ दौरे पर आए डीजीपी मुकुल गोयल ने कई मुद्दों को लेकर बात की। उन्‍हों किसान आंदोलन को लेकर सधे हुए शब्‍दों में जवाब दिया। उन्‍होंने जवाब देते हुए कहा कि किसी को भी कानून तोड़ने का अधिकार नहीं है। कानून व्यवस्था भी पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस किसी को भी कानून तोड़ने नहीं देगी। बस इतना ही कहकर डीजीपी मुकुल गोयल ने अपराध और अन्‍य विषयों पर चर्चा करने लगे। उन्‍होंने अपराध नियत्रण को लेकर बताया कि प्रदेश की पुलिस सख्‍त है। अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल सुबह 10 बजे समय अनुसार मेरठ पहुंचे। पुलिस लाइन पहुंचते ही डीजीपी ने सलामी ली। पुलिस लाइन में पहले से आठ जनपदों के एसएसपी मीटिंग के लिए तैयार थे। डीजीपी ने पुलिस लाइन में सभी आठ जनपदों के कप्तानों के साथ अपराध की समीक्षा शुरू कर दी। मेरठ के कप्तान से अपराध के बारे में डीजीपी ने शुरुआत की। 11.30 बजे जनप्रीतिनिधियों के साथ बैठक की। डीजीपी के साथ मीटिंग में सभी आठ जनपदों के कप्तान और आईजी थे, एडीजी भी मौजूद रहे।

स्‍वतंत्रता दिवस को लेकर भी जानेंगे हाल

15 अगस्‍त को लेकर मेरठ और आसपास के जिलों में यूपी डीजीपी मुकुल गोयल हाल जानेंगे। पुलिस अधिकारियों से मीटिंग के बाद मेरठ के अन्‍य क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित भी करेंगे। बुधवार को शहर की पुलिस ने जगह - जगह चेकिंग अभियान चलाया गया था। रेलवे स्‍टेशन से लेकर रेस्‍तरां होटल व बस स्‍टैड की निगरानी की गई। अभी भी पुलिस बल तैनात की कई है। संदिग्‍ध चीजों की जांच व पहचान की जा रही है। कड़ी निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाई गई है।

मेरठ के रह चुके हैं कप्‍तान  

पुलिस लाइन में जोन के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, बागपत, गाजियाबाद और हापुड़ के कप्तानों के साथ अपराध की समीक्षा की। इसके बाद शहर के प्रमुख उद्यमी, कारोबारी और जनप्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत की। बता दें कि सपा शासनकाल में एडीजी (कानून व्यवस्था) रहते हुए मुकुल गोयल मेरठ आए थे। वह मेरठ के कप्तान भी रह चुके हैं, इसलिए मेरठ के काफी लोगों से उनका जुड़ाव है। मेरठ में उनकी रिश्तेदारी भी है।

 

Edited By: Himanshu Dwivedi