मेरठ, जागरण संवाददाता। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को मेरठ में बौद्धिक सम्मेलन में कहा कि यह प्रदेश और देश के भाग्य को तय करने का चुनाव है। 2014 में वोटरों ने मोदी को चुनकर बदलाव किया और 2017 से सीएम योगी को। योगी के नेतृत्व में यूपी ने चौतरफा विकास किया।

'सपा-बसपा ने प्रदेश को अपराध और भ्रष्टाचार के दलदल में धकेला'

बाईपास स्थित एक होटल में सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने  कहा कि अखिलेश यादव और मायावती ने प्रदेश को अपराध और भ्रष्टाचार के दलदल में धकेला, योगी ने उससे उबारा। आज यूपी देश की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन चुका है। गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का जिक्र करते हुए मतदाताओं को साधा। कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने आखिर इसका समर्थन क्यों नहीं किया। अखिलेश कहते हैं 'हम भी राम मंदिर दर्शन करने जाएंगे, लेकिन क्या वो कारसेवकों पर चलाई गई गोलियों पर कुछ बोलेंगे'। काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी, केदारनाथ, गंगोत्री, बदरीनाथ समेत कई मंदिरों पर श्रद्धालुओं के लिए काम हो रहे हैं। गगनचुंबी राम मंदिर बन रहा है।

'क्रांति के लिए जाना जाता है मेरठ' 

उन्होंने कहा कि मेरठ बदलाव और क्रांति के लिए जाना जाता है। 'यहां की माटी के लाल एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह ने जमींदारी प्रथा खत्म की।' शाह ने कहा कि अखिलेश-मायावती ने दो-दो साल तक गन्ना भुगतान नहीं किया। 42 में 21 चीनी मिलों को बंद किया या बेचा, जबकि भाजपा ने दर्जनों नई चीनी मिलें लगवाईं। 1.5 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया।

'पलायन-अपराध जड़ से खत्म, अब कानून का राज' 

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 'मैं 2013, 2014 और 2017 में भी कैराना गया था, जहां लोगों की आंखों में दर्द और दहशत थी, लेकिन आज मिला तो लोगों के चेहरे पर सुकून और आत्मबल है। योगी सरकार ने प्रदेश में 1800 करोड़ की संपत्ति माफिया के चंगुल से मुक्त कराई। 1.43 लाख युवकों की पुलिस में भर्ती हुई। 214 नए थाने बने। एंटी रोमियो स्क्वाड व साइबर सेल बने। अपराध में भारी कमी आई।

'जनता ने भोले शंकर की तरह झोली भर दी'

गृहमंत्री ने वोटरों को साधते हुए कहा कि 2014 लोकसभा चुनावों में प्रदेश की जनता ने भोले शंकर की तरह 80 में 74 सीटें भाजपा की झोली में डालीं थीं। 2017 में भी ऐसा ही हुआ। अब 2022 की बारी है, और ये जनमत विकास और बदलाव की बड़ी कहानी लिखेगा।

Edited By: Parveen Vashishta