मेरठ, जागरण संवाददाता। प्रदेश की योगी-2 सरकार ने पहले बजट में पश्चिम उत्तर प्रदेश को साधने की पूरी कसरत की है। खेतीबाड़ी की उर्वर बेल्ट में गन्ना किसानों के भुगतान एवं नई चीनी मिलों की स्थापना पर फोकस किया गया। औद्योगिक निवेश को बूस्टर डोज देकर 2024 लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार करने का प्रयास है। खेल विश्वविद्यालय, खेल उद्योग, दो केंद्रों से हवाई उड़ान के साथ ही चिकित्सा को सेहतमंद बनाने पर जोर दिया गया है। 

सभी क्षेत्रों को साधने की कोशिश  

योगी-2 के पहले बजट में प्रदेश के सभी क्षेत्रों को साधने की कोशिश नजर आई। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन का आगाज गन्ना किसानों से किया। पश्चिम उप्र में 59 चीनी मिले हैं, जिसमें सहारनपुर की नानौता एवं मेरठ के मोहिउददीनपुर के लिए अलग बजट दिया गया है। पिछले साल कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने लंबे समय प्रदर्शन किया था। विस चुनावों के बाद भाजपा लखनऊ में सत्तासीन जरूर हुई, लेकिन गन्ना बेल्ट मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बिजनौर में पार्टी को कई सीटों का नुकसान हुआ। मेरठ एवं सहारनपुर को रीजनल कनेक्टीिविटी स्कीम में शामिल कर उम्मीदों को नई उड़ान दी गई है। बिजनौर एवं बुलंदशहर समेत कई जिलों में मेडिकल कालेज निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को नई धार देने का प्रयास किया गया है। रैपिड रेल एवं, खेल विवि की वजह से मेरठ के हिस्से में सबसे बड़ा बजट आया है।

पश्चिम यूपी को ये मिला खास

- मेरठ में खेल विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये।

- गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 650 करोड़ रुपये।

- मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के लिए 20 करोड़ रुपये।

- सहकारी चीनी मिल नानौता को तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए 25 करोड़ रुपये।

- रैपिड रेल परियोजना के लिए 1306 करोड़ रुपये।

- रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत मेरठ से उड़ान शुरू करना बजट में शामिल।

- मैट्रो परियोजना के लिए मेरठ, वाराणसी व गोरखपुर को 100 करोड़ रुपये ।

- मेरठ और वाराणसी में ग्रीन फील्ड डेयरी प्लांटों की स्थापना के लिए 80 करोड़ रुपये

- सहारनपुर मंडल में एंटी करप्शन आर्गेनाइजेशन यूनिट के लिए बजट मिला।

- बिजनौर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए बजट मिला।

- बुलंदशहर में अटल आवासीय योजना के लिए बजट मिला।

- समर्थन मूल्य पर गेहूं व धान की खरीद को मजबूत करने के लिए बजट मिला।

 

Edited By: Parveen Vashishta