जागरण संवाददाता, मेरठ। बिजलीबंबा बाइपास स्थित सुपरटेक ग्रीन विलेज के सामने से एक चकरोड शताब्दीनगर तक जाती है। इसी चकरोड को सड़क में बदलने की संभावना तलाशने मंगलवार को एमडीए सचिव अपनी टीम के साथ पहुंचे। अब अपनी निरीक्षण रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेंगे।

वाहनों का रहता है दबाव

बिजली बंबा बाइपास पर वाहनों का दबाव रहता है। जब से दिल्ली रोड पर डायवर्जन शुरू हुआ है तब से इस बाइपास पर ट्रैफिक का दबाव अधिक हो गया है। बंबा बाइपास का दबाव खत्म करने के लिए रिंग रोड का प्रस्ताव वर्षों से है लेकिन मामला सिर्फ कागजों में ही घुमाया जाता रहा। सोमवार को उद्योग बंधु की बैठक हुई थी। इसमें आर्किटेक्ट अंकित अग्रवाल ने सुझाव रखा कि सुपरटेक के सामने से शताब्दीनगर को जोडऩे वाली चकरोड को ही यदि सड़क का रूप दे दिया जाए तो बाइपास का काफी ट्रैफिक शताब्दीनगर होते हुए परतापुर में दिल्ली रोड व गगोल रोड पहुंच जाएगा। इस सुझाव पर मंडलायुक्त सुरेंद्र ङ्क्षसह ने सचिव को निरीक्षण के लिए निर्देशित किया था। अब यदि उस चकरोड को सड़क में बदला जाता है तो बड़ी समस्या के समाधान में एक पहल मानी जाएगी। इससे निश्चित रूप से दिल्ली रोड व बाइपास पर कुछ किमी तक वाहनों का दबाव घटेगा। 

Edited By: Parveen Vashishta