मेरठ, जेएनएन। लॉकडाउन धीरे-धीरे खुलने लगा हैं, ऐसे में अपराध बढ़ेगा और कानून व्यवस्था प्रभावित होगी। यानि अगले तीन माह पुलिस के लिए बड़े चैलेंज भरे होंगे। कोरोना संक्रमण में ड्यूटी के साथ-साथ अपराध नियंत्रण भी करना होगा। साथ ही बाहर से आए कामगारों में संपत्ति को लेकर विवाद भी बढ़ेगा। ऐसे में बाहर से आने वाले सभी लोगों को पहले ही चिन्हित कर लिया जा रहा है। ताकि अपराध पर पूरी तरह काबू पाया जा सकें।

अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सभरवाल ने ज्वाइनिंग के तीसरे दिन सभी कप्तानों ने बातचीत कर प्रत्येक जनपद में होने वाले अपराध का ट्रेंड पूछा है। ताकि अपराधियों पर समय रहते है कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी को आदेश दिया की कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। एडीजी ने बताया कि आने वाला समय पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। कोरोना संक्रमण से तो लड़ना ही है, साथ ही अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को भी काबू में रखना है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के वजह से अभी तक सभी घरों के अंदर थे, अब धीरे-धीरे निकलना शुरू हो गए है, जिससे अपराध भी बढ़ेगा। ऐसे में पुलिस को सतर्क रहने की जरूरत है। एडीजी ने स्पष्ट कर दिया कि मामूली विवाद को थाना प्रभारी बीट के कांस्टेबल या हल्के के दारोगा के ऊपर न छोड़े। बल्कि खुद मौके पर पहुंचकर मामले को देखे। विवाद बढऩे वाला दिखाई दे तो कार्रवाई में कदापि देरी न करें। मामूली विवादों में भी मुचलका पाबंद की कार्रवाई की जाए।

अनसुलझे मामलों में नये सिरे से काम करें

एडीजी राजीव सभरवाल ने कहा कि जोन के आठ जनपदों में पड़े अनसुलझे मामलों में नये सिरे से काम करें। ताकि सभी वारदातों का पर्दाफाश हो सकें। उसके अलावा 2019 की पेेड‍ि‍ंग सभी विवेचनाओं को पूरा कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करें, ताकि अपराधियों का कोई मदद न मिल सकें।

Posted By: Taruna Tayal

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