मेरठ, जेएनएन। यूएसए के वरिष्ठ इकोकार्डियोलॉजिस्ट डा. विनीत नंदा ने बताया कि नई जांच तकनीक ने हृदय रोगों के इलाज की दुनिया बदल दी। एपीआइ की मासिक मीट में चिकित्सकों को संबोधित करने मेरठ पहुंचे डा. नंदा ने बताया कि फोर डी इमेजिंग से दिल के रोगियों की स्थिति, जटिलता एवं आपरेशन के बाद रिकवरी की स्थिति साफ पता चलती है। खासकर, दिल की सर्जरी में यह तकनीक बेहद कारगर रही है।
बेहतर तरीके से होता है इलाज
यूएसए में बर्मिंघम स्थित अलबामा विवि के प्रोफेसर डा. नंदा ने गुरुवार को मेरठ के बाईपास स्थित एक होटल में आयोजित फिजीशियनों की कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए इस इमेजिंग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कहा कि इससे बच्चों के दिल के वाल्व के पलट जाने एवं हृदयाघात की स्थिति में रक्त वाहिनियों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति साफ पता चल जाती है। ऐसे में मरीज को बचाने की दिशा में डाक्टर बेहतर कौशल के साथ इलाज कर सकते हैं। इससे पहले वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डा. राजीव अग्रवाल ने बुके देकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ फिजीशियन डा. राहुल मित्थल, डा. अदीप मित्र, डा. वीके बिंद्रा समेत कई अन्य शामिल हुए।

Posted By: Ashu Singh

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