मेरठ, जेएनएन। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने मुजफ्फरनगर के रामपुरी में आठ दिन पहले हुए रणधीर हत्याकांड का राजफाश कर दिया। साढू ने ही पांच लाख की सुपारी देकर हत्या कराई थी। एसटीएफ ने साढू और तीन सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया। पत्‍‌नी से विवाद के चलते रणधीर ने भरी पंचायत में साढू को गाली दी थी। इसका बदला लेने के लिए उसने हत्या करा दी।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि 17 जनवरी की रात मुजफ्फरनगर जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले में रणधीर की हत्या कर दी गई थी। वारदात के राजफाश का टास्क शासन ने एसटीएफ को दिया था। सीओ ने बताया कि रणधीर का एक साल से पत्‍‌नी से विवाद चल रहा था। इसको लेकर दिसंबर में पंचायत हुई थी। पंचायत में रणधीर ने मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के खेड़ी टंपा गांव निवासी अपने साढू बृजपाल पुत्र खुशीराम को गाली दे दी थी।

सुपारी किलर गजेंद्र को

पांच लाख में किया था हायर

बृजपाल ने बदला लेने के लिए हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव निवासी गजेंद्र उर्फ भूरा को पांच लाख में रणधीर की सुपारी दी थी। 50 हजार एडवांस में दे दिए। इसके बाद गजेंद्र ने अपने साथी आकाश निवासी देवलोक देवतापुरम टीपीनगर, मेरठ व राजू निवासी जयसिंहपुर मवाना, मेरठ से संपर्क किया। तीनों 17 जनवरी की रात मुजफ्फरनगर पहुंच गए। बृजपाल ने रणधीर को बुलाया था। सभी ने बैठकर शराब पी। इस दौरान मौका मिलते ही तीनों ने मफलर से गला दबाकर रणधीर की हत्या कर दी। हत्या के बाद सभी कार से मेरठ आ गए। सीओ के मुताबिक गजेंद्र हस्तिनापुर, औरंगाबाद, मुजफ्फरनगर और परीक्षितगढ़ थाने से हत्या व लूट में जेल जा चुका है। वह बुलंदशहर से गैंगस्टर एक्ट में भी निरुद्ध हो चुका है। राजू भी बहसूमा से हत्या के मामले में जेल जा चुका है। एसटीएफ ने आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर भी बरामद कर लिया। चारों आरोपितों को कोतवाली मुजफ्फरनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

Posted By: Jagran

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