यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दीपोत्सव से पहले चांदी की चमक से बाजार चकाचौंध, मेरठ में धनतेरस पर 500 से 700 करोड़ तक कारोबार की उम्मीद
कोरोना काल से उबरे व्यापारियों में दीपावली का उत्साह पूरे जोरों पर है। धनतेरस के लिए सोने-चांदी के सिक्के लक्ष्मी-गणेश ...और पढ़ें

मेरठ, जागरण संवाददाता। धनतेरस की खरीदारी के लिए बाजार सज गए हैं। इस दिन सोने-चांदी के सिक्कों के अलावा लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, हटरी, चांदी के नोट और बर्तनों की सबसे अधिक खरीदारी होती है। इस बार मीनाकारी वाली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के अलावा राम दरबार और लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर के सिक्के बाजार में छाए हैं, जो गिफ्ट पैक में और भी आकर्षक लग रहे हैं। इन सिक्कों को इन्हें मेरठ के कारीगरों द्वारा ही तैयार किया गया है। वहीं बाजार की तेजी को देखते हुए मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि इस धनतेरस पर 500 से 700 करोड़ तक का कारोबार होने की उम्मीद है।
दीपावली पर बाजारों को सजाने की होड़
मेरठ। कोरोना काल से उबरे व्यापारियों में दीपावली का उत्साह पूरे जोरों पर है। बाजारों को रोशन करने की होड़ लगी है। बच्चा पार्क, ईव्ज चौरहा और बुढ़ाना गेट के बीच मार्ग पर लाइटों की झोपड़ीनुमा सजावट की गई है। व्यापार संघ के अध्यक्ष अपार मेहरा ने बताया पहली बार एलईडी वाल का द्वार तीन स्थानों पर बनाया जाएगा। बाजार में एक नंवबर को शाम छह बजे सजावट का उद्घाटन किया जाएगा। बेगमपुल और आबू लेन में लाइटों के सजावट का कार्य अंतिम दौर में है। आबूलेन व्यापार संघ के सरदार राजवीर सिंह ने बताया कि अधिकांश दुकानदार ग्राहकों को उपहार भी दे रहे हैं।
दाम के बारे में भी जान लीजिए..
चांदी के सिक्के 10 ग्राम से 100 ग्राम, 750 से 950 रुपये
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति 20 ग्राम से 2 किलो 2500 से एक लाख पचास हजार रुपये
लक्ष्मी-गणेश वाले दीपक 50 ग्राम से 100 ग्राम तक 4 हजार से 8 हजार रुपये
राम दरबार वाला सिक्का 10 ग्राम से 100 ग्राम तक 1 हजार से 9 हजार रुपये तक
नारियल 50 ग्राम से 100 ग्राम तक 4 हजार से 10 हजार रुपये तक
कलश 60 ग्राम से 200 ग्राम तक 7500 से 28 हजार रुपये तक
इन्होंने कहा
धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश के सिक्कों की खरीदारी पारंपरिक रूप से सभी कर रहे हैं। इसके अलावा चांदी के टी-सेट, डिनर सेट, पर्स, ट्रे, मोर, डांसिंग डॉल और एंटीक ज्वेलरी की भी डिमांड है। महिलाएं इन्हें स्टाइलिश लुक से पसंद करती हैं।
विजय आनंद अग्रवाल, निदेशक बंधु ज्वेलर्स, सराफा बाजार
धनतेरस के दिन लोग जमकर बर्तनों की खरीदारी करते हैं। ऐसे में जगह-जगह अस्थाई बर्तनों की दुकानें सज गई है। धनतेरस पर लोग हर तरह के बर्तन खरीदते हैं। इसमें नियमित उपयोग में आने वाले बर्तनों की मांग अधिक रहती है। वर्षो बाद एक बार फिर लोग पीतल और कांसे के बर्तन खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
अंकित सिंह, बर्तन विक्रेता, शारदा रोड
धनतेरस पर चांदी के सिक्के और मूर्ति खरीदने का चलन है। पिछले कई सालों से धनतेरस और दीपावली पर्व पर सोने-चांदी के गिफ्ट आयटम भी खरीदते थे, लेकिन इस बार अधिकतर लोगों ने अपने लिए अधिक खरीदारी की है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना काल में बदलती मानसिकता है। जिसके चलते लोग इस बार दीपावली पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
आकाश मांगलिक, निदेशक भगत ज्वेलर्स, आबू प्लाजा
