यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dhanteras 2021 : धनतेरस पर बर्तनों की चमक से चकाचौंध है बाजार, मेरठ में खरीदारी का सिलसिला हुआ तेज
दीपावली की अधिकतर खरीदारी लोग धनतेरस के दिन ही करते हैं। मेरठ में इस बार लोग चम्मच कटोरी थाली और ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। धनतेरस पर इस बार त्रिपुष्कर योग का शुभ संयोग है। वैसे तो इस समय बाजार में उपयोगी बर्तनों की भरमार है, लेकिन पीतल को भगवान धन्वंतरि की धातु माना गया है। इसलिए धनतेरस के दिन पीतल के बर्तन की खरीदारी करना शुभ रहता है। मान्यता है कि इससे सेहत भी ठीक रहती है, और घर में सुख-समृद्धि भी आती है। इसके अलावा धनतेरस पर अन्य धातु के बर्तन, सोने-चांदी के गहने, झाडू, धनिया, धान, लक्ष्मी-गणोश जी की मूर्ति, इलेक्ट्रानिक सामान, प्रापर्टी आदि की खरीदारी करना भी शुभ माना गया है। मंगलवार को मेरठ शहर और आसपास के कस्बों में धनतेरस पर बर्तन व अन्य सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ रही है।

ये बर्तन हैं आकर्षण का केंद्र
दीपावली की अधिकतर खरीदारी लोग धनतेरस के दिन ही करते हैं। इस बार लोग चम्मच, कटोरी, थाली और गिलास के अलावा कप और गिलास स्टैंड, बर्तन स्टैंड के साथ ही विभिन्न आकार और डिजाइन वाले छोटे-बड़े डिब्बे खरीदते दिखाई दे रहे हैं। यह उन्हीं डिब्बों का नया रूप है जिन्हें पुराने समय में कनस्तर कहा जाता था। इसके अलावा चांदी के कलश भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिनके नीचे का हिस्सा तो चांदी का है और मुंह हरे रंग के पत्थर का बना है। वीना बर्तन भंडार के संचालक मुकेश कुमार जैन कहते हैं कि धनतेरस पर लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करते हैं। लेकिन इस बार गोल और चकोर आकार के छोटे-बड़े स्टील के कनस्तर लोगों को लुभा रहे हैं। इसमें काफी सामान स्टोर किया जा सकता है। इस बार बर्तन की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
धनतेरस पर सबसे ज्यादा खरीदी जाती है झाडू
व्यापारी नीरज बंसल कहते हैं कि जितनी झाडू सालभर में बिकती है, धनतेरस पर एक दिन में उतनी झाडू की बिक्री हो जाती है। इस दिन सींक और फूल झाडू खरीदने की परंपरा है। शहर की बात की जाए तो धनतेरस पर पांच से छह लाख झाडू बिक जाती हैं। कुछ समय पहले तक लोग घर के लिए धनतेरस पर झाडू खरीदते थे, अब दुकान और आफिस के लिए भी झाडू खरीदने का चलन बढ़ रहा है। सींक झाडू की कीमत 20 से 60 रुपये और फूल झाडू की कीमत 60 से 120 रुपये तक है।
पीतल और कांसे के बर्तनों की मांग बढ़ी
व्यापारी अंकित गुप्ता बताते हैं कि लोगों की पसंद बदल रही है। इसकी एक वजह कोरोना संक्रमण है। ऐसे में इस बार धनतेरस पर पीतल और कांसे के बर्तनों की मांग अधिक है। लोग गिलास, बोतल, कप और पानी भरकर रखने के लिए कांसे के घड़े भी खरीद रहे हैं।,
धनतेरस पर बाजार में भारी उत्साह
मेरठ। धनतेरस पर बाजार में भारी उत्साह है। कोरोना की मार से उबरने के बाद लोग त्योहार पर खरीदारी के लिए खूब निकल रहे हैं। इससे व्यापारी वर्ग भी खुश है। उन्हें इस बार अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। महंगे एलईडी से लेकर बर्तन और झाड़ की भारी मांग है। लेकिन इस बार हर आयटम पर महंगाई की मार भी देखी जा रही है।
दीपावली पर मौसम में परिवर्तन होता है। धनतेरस पर नए घर में शिफ्ट करने के चलते लोग नया टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन लेते हैं। दुकानों में उपकरणों के कई माडल उपलब्ध हैं। मेरठ इलेक्ट्रानिक्स व्यापार संघ के महामंत्री अतुल बंसल ने बताया कि कंपनियों ने त्योहारी सीजन पर आफर दिए हैं। माना जा रहा है कि दीपावली के तुरंत बाद दामों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। सोमवार को अच्छी बिक्री हुई है। इससे धनतेरस पर अच्छे कारोबार की आस है। मोबाइल, लैपटाप, कंप्यूटर से संबधित पीएल शर्मा रोड के बाजार में इस समय खूब रौनक है। वहीं, सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट, गिफ्ट आयटम, सजावटी सामान, मिठाई, नमकीन की भी बिक्री का अच्छा रुझान है। दीपावली के दिन पुस्तकों का पूजन होता है। अभिजात्य वर्ग के लिए इस बार पेन और डायरी धार्मिक पुट लिए हुए नई डिजायन के हैं। पूरे पेन पर ऊं, गणोश और अन्य धार्मिक प्रतीक बने हैं। विशिष्ट धातु के होने के कारण इनकी चमक बरकरार रहती है। बेगमपुल के मेरठ पेन इंपोरियम के दीपेंद्र गुप्ता ने बताया कि इनके दाम 1200 रुपये से शुरू हैं।
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मवाना नगर के इन बाजारों में बढ़ी भीड़
मेरठ। मवाना नगर में मंगलवार को धनतेरस पर बर्तन व अन्य सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी है। सुबह से ही बाजार गुलजार नजर आ रहे हैं। त्योहार के चलते सुबह से ही आवाजाही बढ़ने से आवागमन भी बाधित होने लगा है। सुभाष बाजार, दयानंद बाजार, गोल मार्केट, सुभाष बाजार, गुड़मंडी, दयानंद बाजार व सुभाष चौक आदि स्थानों पर बर्तन, सर्राफ, खील-बताते व पूजन के लिये दीपक इत्यादि सामान की खरीदारी में लोग मशगूल है। नगर के अलावा फलावदा, बहसूमा, परीक्षितगढ़ व हस्तिनापुर में बाजारों में जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
