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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहर ने सिर्फ पांच घंटे ली साफ हवा में सांस

By JagranEdited By:
Published: Thu, 11 Nov 2021 09:32 AM (IST)

हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के बीच बुधवार को दोपहर बाद थोड़ी राहत मिली। दो से सात बजे तक ...और पढ़ें

शहर ने सिर्फ पांच घंटे ली साफ हवा में सांस
शहर ने सिर्फ पांच घंटे ली साफ हवा में सांस

मेरठ, जेएनएन। हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के बीच बुधवार को दोपहर बाद थोड़ी राहत मिली। दो से सात बजे तक हवा में पीएम 2.5 की मात्रा सामान्य रही, वहीं आठ बजे के बाद फिर से विषाक्त कणों की मात्रा मानक से कई गुना हो गई। डाक्टरों ने बताया कि वायु प्रदूषण की वजह से सांस की एलर्जी, एलर्जिक रानाइटिस, खांसी, कफ और गले में दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं।

सेंटर फार साइंस एंड इन्वायरमेंट की रिपोर्ट बताती है कि दीपावली के बाद एनसीआर के सभी शहरों में नाइट्रोजन, ओजोन एवं सल्फर डाई आक्साइड की मात्रा बढ़ गई है। पटाखों से वायुमंडल में बड़ी मात्रा में भारी तत्व पहुंच गए। साथ ही खतरनाक गैसों की मात्रा ज्यादा होने से सर्दियों में सांस पर और संकट बढ़ेगा।

पर्यावरणविद् डा. अनिल जोशी ने बताया कि हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है, और इसके गंभीर प्रयास भी नहीं किए गए। पश्चिमी उप्र के दर्जनों जिलों से लेकर दिल्ली से सटे सभी कस्बों में पीएम 2.5 एवं पीएम 10 की मात्रा मानक 60 और 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की तुलना में तीन से पांच गुना तक पहुंच गई है। इसके सापेक्ष पहाड़ी क्षेत्रों एवं समुद्र के किनारे बसे शहरों में वायु प्रदूषण की मात्रा कम है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डा. योगेंद्र का कहना है कि तापमान गिरने से हवा में तैरते सूक्ष्म कण निचली परत में पहुंच जाते हैं, जिसकी वजह से हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। यह स्माग बच्चों में अस्थमा, एलर्जी, सांस का अटैक एवं कई खतरनाक संक्रमण कर सकता है।

सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डा. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि सांस के मरीजों के लिए नवंबर से फरवरी तक सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण समय होता है, जब हवा में पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा ज्यादा होती है। अगर पीएम 2.5 की मात्रा 400 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच जाए तो यह बेहद घातक असर छोड़ सकती है। शहर व आसपास की हवा की गुणवत्ता-रात आठ बजे

स्टेशन एक्यूआइ

गंगानगर 332

जयभीमनगर 348

पल्लवपुरम 300

गाजियाबाद-लोनी 460

हापुड़ 416

बागपत 421

मुजफ्फरनगर 367

नोएडा-116 388