मेरठ, जेएनएन। कोरोना के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन से स्कूलों का एकेडमिक सत्र प्रभावित हुआ है। ऐसे में नए सत्र में स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए एनसीईआरटी वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर तैयार कर रहा है। सीबीएसई की ओर से स्कूलों के लिए यह कैलेंडर जल्द ही जारी किया जाएगा। सीबीएसई चेयरपर्सन अनीता करवाल ने प्रिंसिपलों को पत्र लिखकर बताया है कि नया एकेडमिक कैलेंडर कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों के लिए होगा। इसमें खेल-खेल में पढ़ाई और सीखने के तौर-तरीकों के साथ ही नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा।

शिक्षण में हो स्कूल-घर का सहयोग

सीबीएसई चेयरपर्सन अनीता करवाल ने ‘शिक्षा केवल स्कूल में’ से आगे बढ़कर अब ‘शिक्षा स्कूल व घर के सहयोग से’ की ओर बढ़ने का आह्वान किया है। इस समय घर व स्कूल के वातावरण में संतुलन बनाते हुए बच्चों के साथ उनके परिजनों से भी बेहतर तरीके से जुड़ने का अवसर है। शिक्षक सोशल नेटवर्क के जरिए परिजनों के अधिक नजदीक पहुंच सकते हैं। माता-पिता बच्चों को अपने अनुभव के अनुरूप ह्यूमन-ह्यूमन, ह्यूमन-नेचर और नेचर-नेचर से संबंधित प्रोजेक्ट से जोड़ सकते हैं।

घर के विज्ञान से जुड़ें बच्चे

सीबीएसई चेयरपर्सन ने बच्चों को घर में परिजनों के साथ समय बिताने के दौरान घर में उपलब्ध टेक्नोलॉजी को समझने के लिए भी प्रेरित किया है। इसमें कुकर, हेयर ड्रायर, स्टेपलर, सोप डिस्पेंसर, आयरन, ताला-चाभी, वाशिंग मशीन, टीवी रिमोट, माइक्रोवेव ओवन, आदि में इस्तेमाल तकनीक को समझने में समय बिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी अच्छी कल्पना होगी, सीखने और सिखाने के संसाधन घर में उतने ही अधिक मिलने लगेंगे।

ई-लर्निग की ओर करें रुख

घर बैठे बच्चों को ई-लर्निग से जोड़ने के लिए सीबीएसई चेयरपर्सन ने स्कूलों को प्रोत्साहित किया है। इसमें डिजिटल इंफ्रॉस्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग यानी दीक्षा में उपलब्ध 80 हजार करिकुलम लिंक का इस्तेमाल करने को कहा है। इसमें कक्षा छह से 10वीं तक के सीबीएसई व एनसीईआरटी की किताबें, क्वेश्चन बैंक, ई-पाठशाला, नेशनल रिपोजिटरी ऑफ ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस, स्वयं, स्वयंप्रभा पर उपलब्ध कंटेंट का सदुपयोग करने और स्कूली बच्चों व शिक्षकों को उससे जुड़ने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने यू-ट्यूब चैनल पर कक्षा नौ से 12वीं तक के विषयों के लिंक भी जारी किए हैं। इसके अलावा पॉडकास्ट में सीबीएसई-शिक्षा वानी, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी और आइआइटी पाल का कोर्स बच्चों तक पहुंचाने को कहा है।

 

Posted By: Prem Bhatt

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