सहारनपुर, जागरण संवाददाता। बड़गांव थानाक्षेत्र के गांव खुदाबक्शपुर में शराब पीने से दो लोगों की संदिग्ध मौत हो गई। एक व्यक्ति की मौत मंगलवार की दोपहर में हुई तो दूसरे की शाम के समय हुई। पुलिस को सूचना मिल गई, लेकिन किसी का भी पोस्टमार्टम नही कराया गया। हालांकि एक युवक का मंगलवार को दिन में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि दूसरे का अभी अंतिम संस्कार नही हुआ है। दोनों की मौत से स्वजन में कोहराम मचा है। पुलिस घटना से अनभिज्ञता जता रही है।

यह है मामला 

ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को गांव खुदाबक्शपुर माजरा निवासी 52 वर्षीय रमेश सैनी पुत्र रूहला व 55 वर्षीय चमन सिंह पुत्र अबल सिंह ने जंगल में जाकर शराब का सेवन किया। अधिक शराब पीने से दोनों की हालत खेतों में ही ख़राब हो गई। रमेश की हालत खराब होने की सूचना मिलने पर स्वजन खेत पर पहुंचे तो रमेश को मृत पाया। रमेश के शव का स्वजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस को कोई सूचना नही दी गई। खेत में ही कुछ दूरी पर चमन सिंह भी बदहवास हालत में पड़ा मिला। स्वजन उसे उठाकर घर लाए, लेकिन शाम को उसकी भी मौत हो गई। एक दिन में शराब पीने से दो मौत होने से गांव में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर विरोध जताया। बताया जाता है कि दोनों लोग शराब पीने के आदि थे। प्रधानपति रुप सिंह का कहना है कि दोनों मृतकों ने सुबह साथ बैठकर शराब पी थी। जिनकी हालत ख़राब होने से मौत हो गई। मृतकों के घरों में कोहराम मचा है। थाना प्रभारी उम्मीद कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कोई सूचना देता तो हम लोग कार्रवाई करते। उधर, एसपी देहात अतुल शर्मा का कहना है कि जांच में पता चला है कि दोनों के पहले से लीवर खराब थे। दोनो ने अधिक शराब पी इसलिए मौत हो गई। हालांकि हमने मीडिया रिपोर्ट पर ही जांच की है। किसी के भी परिजन ने हमे कोई सूचना नहीं दी है।

बड़गांव के जंगलों में निकली जा रही कच्ची शराब

अधिक शराब पीने से जिन दो लोगों की मौत हुई है, भले ही उन लोगों ने जहरीली शराब न पी हो, लेकिन बड़गांव और देवबंद क्षेत्र के जंगलों में इस समय आबकारी विभाग की मिलीभगत से कच्ची शराब का उत्पादन हो रहा है। यह कच्ची शराब देवबंद और बडगांव क्षेत्र के गांव में सप्लाई हो रही है। इस तरफ़ न तो जिला अधिकारी का ध्यान है और न ही जिला आबकारी अधिकारी का ध्यान है।

2019 में हुआ था बड़ा कांड

सहारनपुर जिले का जिला आबकारी विभाग और पुलिस भले ही ढोल पीटते रहे कि उन्होंने कच्ची शराब का धंधा बंद करा दिया है, लेकिन अभी भी जिले में कई स्थानों पर कच्ची शराब का धंधा चल रहा है। वर्ष 2019 का वह दिन शायद सहारनपुर जिले का कोई भी इंसान ना भूल पाया हो। इस दिन जिले के 50 से अधिक लोगों की कच्ची शराब पीने से जान चली गई थी। जिला आबकारी विभाग की बदौलत यह धंधा फिर से जोर पकड़ रहा है, क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक है।

Edited By: Parveen Vashishta