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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, उत्तर प्रदेश का दारोगा क्यों दिल्ली चला सिपाही बनने

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 28 Dec 2017 01:41 PM (IST)Updated: Sat, 30 Dec 2017 09:30 AM (IST)

मेरठ के रोहटा थाना में तैनात दारोगा अजित सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अजित सिंह का आरोप ...और पढ़ें

जानिए, उत्तर प्रदेश का दारोगा क्यों दिल्ली चला सिपाही बनने
जानिए, उत्तर प्रदेश का दारोगा क्यों दिल्ली चला सिपाही बनने

मेरठ (जेएनएन)। दिल्ली पुलिस के पूर्व सिपाही को उत्तर प्रदेश में दारोगा की नौकरी रास नहीं आई। मेरठ के रोहटा थाने में तैनात एक अंडर ट्रेनिंग दारोगा ने गुरुवार को त्यागपत्र एसएसपी को सौंप दिया।

दारोगा का कहना है कि लंबी ड्यूटी, समय पर छुट्टी न मिलना और ड्यूटी का कोई शेड्यूल न होने के कारण उसने यह कदम उठाया है। वह दिल्ली पुलिस में फिर से सिपाही बनने को तैयार है, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस के दारोगा की नौकरी मंजूर नहीं। एसएसपी ने नियमानुसार कार्यवाही के लिए त्यागपत्र को अग्रसारित कर दिया है।

अलीगढ़ जिले के कस्बा खैर निवासी अजीत सिंह का वर्ष 2010 में दिल्ली पुलिस में सिपाही पद पर चयन हुआ था। वर्ष 2011 में उनका चयन उप्र पुलिस में दारोगा के पद पर हो गया, लेकिन कानूनी दावपेंच के चलते इस बैच के दारोगाओं को नौकरी नहीं मिली। इसके चलते वर्ष 2015 तक दिल्ली पुलिस में नौकरी करनी पड़ी। 2015 में हरी झंडी मिलने के बाद अजीत सिंह ने टेक्निकल रिजाइन देकर उप्र पुलिस में दारोगा की नौकरी ज्वाइन कर ली।

पुलिस में अपर पोस्ट पर चयन होने पर टेक्निकल रिजाइन का प्रावधान है। इसके तहत दो वर्ष तक नई पोस्ट पर स्थायी नियुक्ति न होने पर कर्मचारी वापस ज्वाइन कर सकता है। दारोगा अजीत सिंह का कहना है कि 1 सितंबर 2017 में रोहटा थाने में आमद होने के बाद उनकी नौकरी अंडर ट्रेनिंग शुरू हुई। वह सितंबर 2019 में स्थायी होंगे। वहीं, 2015 में दिए टेक्निकल रिजाइन की अवधि नवंबर 2017 को खत्म हो गई।

नौकरी कन्फर्म न होने का हवाला देते हुए उन्होंने टेक्निकल रिजाइन की अवधि बीते नवंबर में एक साल के लिए बढ़वा ली। त्याग-पत्र में अजीत सिंह ने कहा है कि दारोगा की ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। लंबी ड्यूटी अवधि और उसका भी कोई शेड्यूल न होने से तीन माह में 12 किलो वजन घट गया।

एसडीएम भाई ने भी समझाया :

अजीत सिंह के भाई मैनपुरी में एक तहसील में एसडीएम हैं। दो दिन पहले अजीत सिंह ने उनसे भी इच्छा जाहिर की तो उन्होंने दारोगा की नौकरी नहीं छोडऩे की सलाह दी। लेकिन अजीत सिंह ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया।

अंडर ट्रेनिंग दारोगा ने त्याग-पत्र देकर दिल्ली पुलिस में सिपाही की नौकरी करने की इच्छा जाहिर की है। आगामी प्रक्रिया के लिए आवेदन को उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।
- मंजिल सैनी, एसएसपी।

त्याग-पत्र का आवेदन अभी मेरे सामने नहीं आया है। पुलिस एक्ट के प्रावधान के मुताबिक आगामी कार्यवाही की जाएगी।
-रामकुमार वर्मा, आइजी।