मेरठ, जेएनएन। सीआइएससीई के बाद अब सीबीएसई ने भी मंगलवार को कक्षा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं का सिलेबस करीब 30 फीसद कम कर दिया है। सिलेबस कम किए जाने का आंकलन लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही लगाया जा रहा था। स्कूल ऑनलाइन क्लास भी चला रहे थे लेकिन शिक्षकों को कितना पढ़ाना है, और छात्रों को कितना पढऩा है, यह तस्वीर साफ नहीं थी। अब सीबीएसई ने चारों कक्षाओं के विषयवार कम किए गए सिलेबस का विस्तृत विवरण जारी कर दिया है। इससे स्कूलों व शिक्षकों के साथ ही छात्रों व स्वजनों को भी कम किए गए सिलेबस की जानकारी हो सकेगी। सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिलेबस के हटाए गए ङ्क्षबदुओं से न ही इंटरर्नल और न ही वाॢषक या बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। कक्षा 11वीं-12वीं के प्रमुख विशयों में कुछ टॉपिक पूरी तरह से तो कुछ में विशेष हिस्सों को ही हटाया गया है। वहीं कक्षा एक से आठवीं तक स्कूलों को एनसीईआरटी द्वारा जारी अल्टरनेटिव एकेडमिक कैलेंडर का अनुशरण करना है।

गणित में कम हुए यह बिंदु

कक्षा 11वीं गणित में सेट्स एंड फंक्शन यूनिट से सेट्स, रिलेशन एंड फंक्शन और ट्रिगनोमेट्रिक पुंक्शंस, यूनिट-दो अलजेब्रा से प्रिंसिपल्स ऑफ मैथमेटिकल इंडक्शन, काम्प्लेक्स नंबर्स एंड क्वाड्रेटिक इक्वेशंस, लीनियर इनइक्वलिटीज, परमुटेशन एंड कांबिनेशन, बबाइनोमियल थ्योरम और सीक्वेंस एंड सिरीज कम हुए हैं। यूनिट-थ्री कोऑॢडनेट ज्योमेट्री से स्ट्रेट लाइंस व कॉनिक सेक्शन से कुछ प्वाइंट तो इंट्रोडक्शन टू थ्री डाइमेंशनल ज्योमेट्री, कैलकुलस में लिमिट्स एंड डेरिवेटिव्ज, मैथमैटिकल रीजनिंग को पूरा हटाया है। स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोबेबिलिटी में भी कुछ बिंदु हटे हैं। वहीं कक्षा 12वीं से रिलेशंस एंड फंक्शंस, इनवर्स ट्रिग्नोमेट्रिक फंक्शंस, अलजेब्रा में मेट्रिसेस और डिटरमिनेंट्स, कैलकुलस से कांटीन्यूटी एंड डिफरेंसिएबिलिटी, इंटीग्रल्स, डिफरेंसियल इक्वेशंस, वेक्टर्स, थ्री-डाइमेंशनल ज्योमेट्री, लिनियर प्रोग्रामिंग और प्रोबेबिलिटी को हटाया है।

फिजिक्स में हटे यह बिंदु

कक्षा 11वीं में फिजिकल वल्र्ड से फिजिक्स-स्कोप एंड इक्साइटमेंट, नेचर ऑफ फिजिकल लॉ, फिजिक्स, टेक्नोलॉजी एंड सोसायटी, मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन से रेफरेंस, पोजीशन टाइम ग्राफ, स्पीड एंड वेलोसिटी, लॉ ऑफ मोशन से कांसेप्ट ऑफ फोर्स, इर्निसया, न्यूटन्स फस्र्ट, सेकेंड और थर्ड लॉ ऑफ मोशन, सिस्टम ऑफ पाल्टिक्‍स एंड रोटेशनल मोशन, ग्रेविटेशन, मैकेनिकल प्रोपर्टीज ऑफ सॉलिड्स, थर्मल प्रोपर्टीज मैटर, थर्मोडाइनेमिक्स से हीट इंजन एंड रेफ्रीजरेटर, वेव्स को हटाया है। वहीं कक्षा 12वीं के सिलेबस से इलेक्ट्रिक चार्जेज एंड फील्ड्स, करेंट इलेक्ट्रिसिटी, मूविंग चार्जेज एंड मैग्नेटिज्म में साइक्लोट्रॉन, मैग्नेटिज्म एंड मैटर, अल्टरनेङ्क्षटग करेंट पॉवर फैक्टर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्ज, रे ऑप्टिक एंड ऑप्टीकल इंस्ट्रूमेंट्स, डुअल नेचर ऑफ रेडिएशन एंड मैटर, न्यूक्ली, सेमिकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट्स से सिलेबस कम हुए हैं।

केमिस्ट्री में इन यूनिट्स से सिलेबस हुए कम

कक्षा 11वीं में बेसिक कांसेप्ट ऑफ केमिस्ट्री, स्ट्रक्चर ऑफ एटम्स से इलेक्ट्रॉन, प्रोटोन, न्यूट्रॉन डिस्कवरी, हिस्ट्री ऑफ पीरियोडिक टेबल, केमिकल बांडिग एंड मोलीक्यूलर स्ट्रक्चर, स्टेट्स ऑफ मैटर-गैसेस एंड लिक्विड्स, केमिकल थर्मोडाइनामिक्स, इक्विलिब्रियम, रिडॉकस रिएक्शंस, हाइड्रोजन, एस-ब्लॉक एलिमेंट्स, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का प्रिसिंपल एंड टेक्नीक्स, इनवायरनमेंटल केमिस्ट्री हटा है। कक्षा 12वीं से सॉलिड स्टेट, सोल्यूशंस, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, केमिकल काइनेटिक्स, सर्फेस केमिस्ट्री, आइसोलेशन ऑफ एलिमेंट्स, पी, डी एंड एफ-ब्लॉक एलिमेंट्स, कोऑॢडनेशन कंपाउंड्स, एच एंड एच, अल्कोहल, फिनायल व ईथर, अल्डेहाइड्स, कीटोंस एंड कार्बोग्जिलिक एसिड, अमाइंस,बायोमोलीक्यूल्स, पॉलिमर्स और केमिस्ट्री इन एवरीडे लाइफ को पूरा हटाया है।

बायो से हटे यह बिंदु

कक्षा 11वीं में डायर्विसटी ऑफ लिविंग ऑर्गेनिज्म में द लिविंग वल्र्ड और प्लांट किंगडम, स्ट्रक्चरल ऑर्गेनाइजेशन इन एनिमल एंड प्लांट्स में से मोर्फोलोजी ऑफ फ्लावरिंग प्लांट, एनटॉमी ऑफ फ्लावरिंग प्लांट्स, स्ट्रक्चरल ऑर्गेनाइजेशन इन एनिमल्स, प्लांट फिजियोलॉजी से ट्रांसपोर्ट इन प्लांट्स, मिनरल न्यूट्रिशन, प्लांट-ग्रोथ एंड डेवलपमेंट, ह्यूमन फिजियोलॉजी से डाइजेशन एंड एब्जॉर्शन, लोकोमोशन एंड मूवमेंट और न्यूरल कंट्रोल एंड कोओॢडनेशन यूनिट्स से सिलेबस कम हुए हैं। कक्षा 12वीं में रिप्रोडक्शन इन ऑर्गेनिज्म, इवोल्यूशन, बायोलॉजी ऑफ ह्यूमन वेलफेयर से स्ट्रेटेजी फॉर इनहांसमेंट इन फूड प्रोडक्शन, इकोसिस्टम, इनवायरनमेंटल इस्यूज के हिस्से को कम किया गया है।

सीबीएसई ने दिखाया रास्ता

मार्च से अब तक हम जो भी पढ़ा रहे थे उसमें अनिश्चितता थी। अब सिलेबस कम कर निर्धारण करते हुए सीबीएसई ने स्कूलों, शिक्षकों व छात्रों को रास्ता दिखा दिया है। अब करीब 30 फीसद कम सिलेबस के अनुरूप ही हम छात्रों को पढ़ाएंगे और तैयारी कराएंगे। -असीम कुमार दुबे, प्रिसिंपल दीवान पब्लिक स्कूल

शिक्षक-छात्र दोनों को होगा लाभ

ऑनलाइन क्लास में पूरा सिलेबस पढऩा मुश्किल होता। अब शिक्षक खुलकर सिलेबस को पूरा करने में ध्यान दे सकेंगे। अगली बोर्ड परीक्षा व वाॢषक परीक्षा के लिए पर्याप्त समय है। सीबीएसई अब फेल छात्रों के प्रोत्साहन के लिए भी फेल शब्द का विकल्प तलाश रही है।-मनोज गोयल,प्रिसिंपल, शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल

 

Posted By: Prem Bhatt

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