मेरठ । मलियाना गांव की गलियां नाले के गंदे पानी से लबालब हैं। फसलें भी गंदगी में सड़ गई हैं। समस्या डेढ़ साल से चली आ रही है और दर-दर गुहार भी तभी से लगाई जा रही है, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। समाधान के लिए करना सिर्फ इतना है कि नाले की सफाई हो जाए मगर जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी भी झांकने तक नहीं गए।

बागपत रोड पर का मोहल्ला मलियाना है। यहां एक नाला रेलवे लाइन की ओर जाता है। नाले में डेढ़ साल पहले कुछ लोगों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया था। जबकि गांव से निकली नालियों का पानी इस नाले में जाता है। धीरे-धीरे जलभराव होने लगा। पहले तो जलभराव आसपास के खाली प्लाटों तक ही सीमित रहा, लेकिन अब इसकी चपेट में खेत और गलियां भी आ गईं हैं। गलियों में गंदा पानी भर गया और फसलें सड़ने लगीं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत नगर निगम, कमिश्नर कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। स्थानीय निवासी रामकुमार ने बताया कि विधायक सोमेंद्र तोमर को भी इसका मुआयना कराया गया था। जिसके बाद उन्होंने समस्या के निस्तारण का आश्वासन भी दिया था लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई। विनोद शर्मा ने बताया कि बालाजी मंदिर तक जाने में भी परेशानी हो रही है। द्वारका प्रसाद, नरेंद्र, बबीता, विजेंद्र, विजय कुमार, पवन कुमार, राजेश, सोनू व मनीष आदि ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नाले की सफाई व जलभराव का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।

समिति और नोडल अधिकारी परखेंगे विकास का सच

जिले में चल रही विकास योजनाओं का सच परखरने के लिए उप्र की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति और जिले के नोडल अधिकारी आ रहे हैं। नोडल अधिकारी रेशम एवं हथकरघा विभाग के अपर मुख्य सचिव रमारमण का आगमन 13 दिसंबर को होगा। अधिकारी तमाम विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही स्थलीय निरीक्षण भी होगा। लोनिवि के निर्माणाधीन कार्यो की सूची तैयार होगी। 14 दिसंबर को समिति सदस्य जिला पहुंचेंगे। समीक्षा बैठक के साथ समिति परीक्षितगढ़ का दौरा भी होगा और तमाम बिंदुओं की समीक्षा करेगी।

Posted By: Jagran