विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'सुधर जाओ, कहीं सस्पेंड होकर दूसरे जिले में ना करानी पड़े आमद', SSP मेरठ BBGTS मूर्ति का थाना प्रभारियों को कड़ा संदेश

By Lokesh Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 13 Oct 2026 02:17 PM (IST)

Meerut News: मेरठ एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने थानों में जनसुनवाई न होने और शिकायतों के अंबार पर नाराजगी जताई। उन्होंने ...और पढ़ें

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति (फाइल फोटो)

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शिकायतों की लंबी फेहरिस्त देख एसएसपी हुए नाराज, एसओ लिसाड़ी गेट से जवाब तलब ।

  2. इंचौली व कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर से पूछा थाने पर कुछ करते है या नहीं, तीनों की पीई के दिए आदेश।

जागरण संवाददाता, मेरठ। थानों में लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ितों को टरकाया और आरोपितों को संरक्षण दिया जा रहा है। परिणाम, एसएसपी के सामने शिकायतों का अंबार लग गया है। कार्यालय के बाहर लंबी कतार देख सोमवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति नाराज हो गए।

उन्होंने शिकायतों की समीक्षा की तो पता चला, लिसाड़ी गेट, कंकरखेड़ा व इंचोली थानों  की सबसे ज्यादा शिकायत आई है। एसएसपी ने तीनों ही थाना प्रभारियों को फोन पर जवाब तलब किया। इस दौरान एसओ लिसाड़ी गेट दलबीर सिंह ने कहा कि वह अंडर ट्रांसफर हैं। यह सुनते ही एसएसपी का गुस्सा बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि दूसरे जनपद में निलंबन होने पर आमद करनी पड़े। एसएसपी का यह रुख देख पुलिसकर्मी सहम गए। उन्होंने तीनों थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू करने का आदेश दिया। एक साल पुराने ठगी के मामले का निस्तारण नहीं होने पर जनसुनवाई प्रभारी संतोष कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए गए।

सोमवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति एसपी क्राइम अवनीश कुमार और सीओ कैंट संजय गुप्ता के सााथ जन सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान काफी संख्या में लोग कार्यालय के बाहर जमा हो गए। इसी बीच अचानक एसएसपी ने एडीजी भानु भास्कर की वीडियो कांफ्रेसिंग के कारण जनसुनवाई बंद कर दी।

यह भी पढ़ें- IPS BBGTS मूर्ति के नामकरण की है अनोखी कहानी, इनके नाम में है आस्था और राष्ट्रवाद का संगम 

लगभग डेढ़ घंटे तक वीसी चलने के कारण लोग कार्यालय के बाहर इंतजार करते रहे। इसके बाद एसएसपी ने लोगों की शिकायत सुननी शुरू की। इसमें उन्होंने देखा कि लिसाड़ी गेट, कंकरखेड़ा व इंचोली से सबसे ज्यादा शिकायत आई है। फोन से उन्होंने तीनों थाना प्रभारियों को सुधरने की न सिर्फ चेतावनी दी, बल्कि साफ कर दिया कि पुनरावृत्ति होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने जन शिकायत प्रभारी संतोष कुमार से पूछा कि एक साल से गुरुग्राम के होटल कर्मचारी से हुई धोखाधड़ी के मामले में दो एसएसपी बदलने के बाद भी कैसे कार्रवाई नहीं हुई है ? बाद में एसएसपी ने कार्यालय के बाहर खड़े होकर लोगों की शिकायत सुनी।