IPS BBGTS मूर्ति के नामकरण की है अनोखी कहानी, इनके नाम में है आस्था और राष्ट्रवाद का संगम
IPS BBGTS Murthy: नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मेरठ पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है। प्रेस वार्ता में एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

मेरठ के नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति धोती-कुर्ता पहनकर शहर पहुंचे।
HighLights
नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मेरठ पहुंचकर कार्यभार संभाला।
मूलरूप से तेलंगाना निवासी एसएसपी मूर्ति 2015 बैच के आइपीएस।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ के नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति धोती-कुर्ता पहनकर शहर पहुंचे। उनका पूरा नाम जानने पर एक रोचक कहानी सामने आई। उनके नाम में आस्था और राष्ट्रवाद का संगम है।
कार्यभार संभालते ही उन्होंने कानून-व्यवस्था मजबूत करने और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीधे एफआइआर दर्ज कराने की चेतावनी देकर सख्त संदेश दिया।

तेलंगाना से ताल्लुक रखने वाले एसएसपी शुक्रवार दोपहर तीन बजे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने वर्दी पहनकर सर्किट हाउस में सलामी ली। सर्किट हाउस में चार्ज ग्रहण करने के बाद वह पुलिस लाइन पहुंचे। यहां प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में जीरो टालरेंस नीति अपनाने, शहर को जाम-अतिक्रमण से मुक्त कराने और साइबर अपराध पर नकेल कसने की प्रतिबद्धता जताई।
2015 बैच के आइपीएस मूर्ति को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। वह मूलरूप से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में एमबीए किया है। गाजियाबाद में बतौर एएसपी ट्रेनी रहे। इसके बाद कानपुर देहात के एसपी बने। वहां से कासगंज का एसपी बनाया गया।
फिर उन्हें झांसी में एसएसपी नियुक्त किया गया। अब उन्हें मेरठ की कमान सौंपी गई है। प्रेस वार्ता में एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। हर पीड़ित को न्याय दिलाना और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना भी प्राथमिकताओं में शामिल है।
पूरा नाम जानने पर रोचक कहानी आई सामने
आइपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति का पूरा नाम जानने पर एक रोचक कहानी सामने आई। नवनियुक्त एसएसपी ने बताया कि उनका पूरा नाम बाथल्ला बाल गंगाधर तिलक संतोष मूर्ति है। इस लंबे नाम को संक्षेप में बीबीजीटीएस कहा जाता है, जिसमें बाथल्ला उनका सरनेम है।
उनके पिता बी ईश्वरय्या ने महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक से प्रेरित होकर उनके नाम में उनका नाम जोड़ा, जबकि उनकी मां बी. विजया कुमारी ने अपनी आस्था के अनुसार संतोषी माता के नाम से संतोष शब्द जोड़ा। इस प्रकार माता-पिता और कुलनाम के संगम से उनका पूरा नाम बाथल्ला बाल गंगाधर तिलक संतोष मूर्ति रखा गया।
