मेरठ, [अमित तिवारी]। सरकारी स्कूलों में शिक्षण के स्तर में सुधार करने की पहल अब कारगर होती दिख रही है। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी जल्द ही इंफॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन (आइसीटी) बेस्ड स्मार्ट एजुकेशन से जुड़ने जा रहे हैं। राजकीय स्कूलों को स्मार्ट क्लास संचालित कराने के लिए 40-40 टैबलेट प्रदान किए जाएंगे। साथ ही तीन शिक्षकों के लिए तीन-तीन टैबलेट मिलेंगे। जिससे एक क्लास का हर बच्चा एक साथ स्मार्ट एजुकेशन से जुड़ सके और स्कूलों में आइटीसी बेस्ड लर्निग-टीचिंग माहौल को बढ़ावा मिल सके। आइसीटी की संशोधित योजना के अंतर्गत प्रदेश के 525 स्कूलों को चयनित किया गया है। इनमें मेरठ के 15 स्कूल शामिल हैं।
मिलेंगे हर विषय के कोर्स मैटेरियल
टैबलेट पर स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए स्कूलों को प्रोजेक्टर, स्कैनर, प्रिंटर, वेब कैमरा, जनरेटर आदि के साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम व एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर व एजुकेशनल सॉफ्टवेयर भी मिलेंगे। कोर्स मैटेरियल में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल आदि विषयों को शमिल किया जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाने और इंटरनेट के जरिए विषयों के कंटेंट दिखाने में मदद मिलेगी और बच्चों में बेहतर समझ विकसित हो सकेगी। सत्र 2018-19 की योजना में चयनित इन स्कूलों में इस सत्र में ही इस व्यवस्था को लागू करने की कोशिश की जा रही है।
मेरठ के ये स्कूल हुए चयनित
समग्र शिक्षा अभियान में संशोधित आइटी योजना के अंतर्गत चयनित प्रदेश के 525 स्कूलों में 359 विद्यालय राजकीय हाईस्कूल और 166 मॉडल स्कूल चुने गए हैं। मेरठ जिले में 13 राजकीय हाईस्कूलों के अलावा एक अभिनव विद्यालय बली और पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज कालंद व खरखौदा हैं। राजकीय हाईस्कूलों में कुढ़ला, कुनकुरा, पावलीखास, रठौरा खुर्द, सलोना, खिवाई, कपसाड़ व जानूबी हैं। इनके अलावा राजकीय इंटर कॉलेज बेहरामपुर जानी, जीआइसी पूटखास रोहटा, कायस्थ बड्ढा और परीक्षितगढ़ हैं।
हर स्कूल पर होंगे 25 लाख खर्च
इस योजना के अंतर्गत हर स्कूल को 25 लाख रुपये के उपकरण मिलेंगे। इसमें 21 लाख के टैबलेट व अन्य उपकरण होंगे। इसके अलावा ढाई लाख रुपये प्रति वर्ष अन्य खर्च के लिए पांच सालों तक प्रदान किए जाएंगे। प्राथमिक तौर पर राजकीय विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया गया है। इसके बाद सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी इस संशोधित योजना में शामिल किया जाएगा।
प्रदेश के 3986 स्कूल पहले ही योजना से जुड़े
आइसीटी बेस्ड एजुकेशन के लिए प्रदेश के 5,608 विद्यालयों को आइसीटी लैब प्रदान किए जाने की स्वीकृति पहले मिल चुकी थी। दो चरणों में 3,968 स्कूलों में 10 कंप्यूटर वाले आइसीटी लैब बनाए गए। प्रदेश के 1608 स्कूलों में तीसरे चरण का आइसीटी योजना लागू नहीं किया जा सका था। अब संशोधित योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से 2000 राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों को शामिल करने की मांग की गई थी। इसमें संशोधित योजना के प्रथम चरण में 525 राजकीय विद्यालयों को चयनित किया गया है। 

Posted By: Ashu Singh

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