मेरठ, जेएनएन। मिलावटी तेल प्रकरण में अफसर कठघरे में आए तो एसआइटी भी असमंजस में आ गई। आठ दिन बाद भी एसआइटी ने मामले की रिपोर्ट शासन को नहीं दी है। रिपोर्ट देने के लिए अभी दो दिनों का समय मांगा गया है, जबकि दो दिनों तक टीम ने डेरा डालकर अफसरों से लेकर आरोपितों तक के बयान दर्ज किए। क्राइम सीन की पड़ताल भी की गई।

गेस्‍ट हाउस में डाला डेरा

मिलावटी पेट्रोल के मामले में आइजी आलोक सिंह ने अपर मुख्य सचिव गृह को रिपोर्ट भेजी थी। दूसरी रिपोर्ट डीएम और एसएसपी की संयुक्त गई थी। दोनों रिपोर्ट के बाद प्रमुख सचिव गृह की तरफ से शासन स्तर पर एसआइटी का गठन किया गया। इसमें एडीजी इंटेलीजेंस बीएस शिरोडकर, फूड कमिश्नर मनीष चौहान और आइजी एसटीएफ अमिताभ यश को रखा गया है। तीनों ही अफसरों ने दो दिनों तक पीएसी के गेस्ट हाउस में डेरा डाले रखा। मुकदमे के वादी पूर्ति निरीक्षक से लेकर सभी तेल माफियाओं के बयान दर्ज किए। साथ ही छापामारी करने वाली टीम और विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों से भी बातचीत की।

कई अफसर जांच के घेरे में

पारस केमिकल्स और गणपति पेट्रोकैम के रजिस्टर भी देखे गए थे, जिन पर पूर्ति विभाग के अफसरों के हस्ताक्षर थे। टीम को फर्म की तरफ से जो कागजात मुहैया कराए गए, उसमें देखा गया कि फर्म को साल्वेंट बेचने तक का अधिकार नहीं था। यानि पूरे मामले की जांच कर टीमें एक सप्ताह पहले लखनऊ लौट गई थी, लेकिन अभी तक भी टीम ने जांच रिपोर्ट शासन को पेश नहीं की। सूत्रों की मानें तो एसआइटी की जांच में कई अफसर कठघरे में खड़े हैं, जिसे देखकर अभी जांच रिपोर्ट शासन को नहीं सौंपी गई।

ये है तेल के खेल का मामला

20 अगस्त को आइजी आलोक सिंह के आदेश पर वेदव्यासपुरी में पारस केमिकल और देवपुरम में गणपति पेट्रोकैम पर छापा मारा गया था। पारस केमिकल से पुलिस ने चार और गणपति पेट्रोकैम से छह आरोपित गिरफ्तार किए थे। उनके कब्जे से 2.20 लाख लीटर नकली पेट्रोल बरामद किया। तीन किलो रंग और एक कैंटर भी पकड़ा था। परतापुर थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपित राजीव जैन पुत्र श्रीपाल जैन निवासी महावीर नगर टीपीनगर के दो पेट्रोल पंप से नमूने भरकर फॉरेंसिक लैब को भेजे गए थे, जिनमें अभी तक मिलावट की पुष्टि नहीं हो पाई थी। हाल में सभी

इनका कहना है

एसआइटी ने सभी तथ्यों पर मिलावटी तेल प्रकरण में जांच की है। कार्य की व्यस्तता के चलते अभी तक जांच रिपोर्ट शासन को नहीं सौंपी गई। अगले दो दिनों में रिपोर्ट शासन को दे दी जाएगी।

- अमिताभ यश, आइजी एवं एसआइटी के सदस्य

एसआइटी ने दी छह हजार कॉपी, 20 अलग रखी

एमबीबीएस की कॉपियों की जांच करने आई एसआइटी ने चौ. चरण सिंह विवि के उत्तर पुस्तिका विभाग में बुधवार को भी कापियों की जांच की। दूसरे दिन की जांच में टीम ने तीन रैक में रखी छह हजार कापियों को देखा। इनमें से टीम ने 20 संदिग्ध कापियों को अलग रखी हैं। इनकी जांच के बाद इन कापियों की सिलाई में छेड़छाड़ को देखा जा रहा है। उत्तर पुस्तिका विभाग में एक रैक और है जिसकी जांच गुरुवार को की जाएगी। टीम को वह 147 कापियां विवि में नहीं मिली है जिन्हें जांच के लिए पहले ही भेजा जा चुका है। विवि की उत्तर पुस्तिका विभाग में एसआइटी की टीम ने सुबह 10 बजे से रात के आठ बजे तक लगातार कापियों की जांच की और एक-एक उत्तर पुस्तिका को देखा। इसके आवा इस मामले में पकड़े गए आरोपितों और जांच अधिकारियों से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। गुरुवार को भी शेष कापियों को देखने के बाद एसआइटी इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। 

Posted By: Prem Bhatt

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