यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वर्चस्व बनाने को हथियारों की नुमाइश करते हैं शबी और रजी
जेएनएन मेरठ सदरुद्दीन के बेटे शबी और रजी गाव में वर्चस्व कायम करने के लिए हथियारों की न

जेएनएन, मेरठ : सदरुद्दीन के बेटे शबी और रजी गाव में वर्चस्व कायम करने के लिए हथियारों की नुमाइश करते हैं। कुछ साल पहले गाव में हुए दोहरे हत्याकाड में शबी जेल भी जा चुका है और अब जमानत पर है। गाव में दोनों भाई बात-बात पर फायरिंग कर देते हैं। अफजाल का परिवार अक्सर उनके विरोध में आ जाता है। इस कारण अफजाल और सदरुद्दीन के परिवार में छत्तीस का आकड़ा रहता है।
रुहासा गाव की राजनीति पूर्व प्रधानों शहीद अख्तर और सलीम के इर्द-गिर्द घूमती है। चुनाव में शहीद अख्तर के साथ सदरुद्दीन का परिवार रहता है, जबकि सलीम के साथ अफजाल का परिवार। कभी सलीम तो कभी शहीद अख्तर प्रधान चुने जाते हैं। दोनों पक्षों में रंजिश है। इस बार गाव में प्रधान पद आरक्षित होने पर सलीम ने अपनी तरफ से कमर अख्तर को मैदान में उतारा था। शहीद अख्तर की तरफ से जरीफ मलिक चुनाव मैदान में थे। जरीफ ने कमर अख्तर को हरा दिया था। तब भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। सदरुद्दीन और अफजाल आमने-सामने आ गए थे। इसी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के लोग घरों में हथियार रखते हैं। बुधवार को छापेमारी के दौरान भी गाव में चर्चा रही कि अफजाल पक्ष ने मुखबिरी की, जिस पर पुलिस ने सदरुद्दीन के घर पर छापा मारकर बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए। पुलिस की अभी तक की पड़ताल में सामने आया कि गाव में चल रही वर्चस्व की जंग में सदरुद्दीन के बेटे शबी और रजी ने हथियारों का जखीरा रखा हुआ था। कारतूस इतनी बड़ी संख्या में बरामद हुए हैं कि यदि दोनों पक्षों में फायरिंग होती तो बवाल खड़ा हो जाता।
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि गाव में वर्चस्व, आगामी विधानसभा चुनाव और हथियारों की सप्लाई से घटनाक्रम को जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस हर बिंदु पर जाच कर रही है। सदरुद्दीन के दोनों बेटों की तलाश भी पुलिस कर रही है। बता दें कि इससे पहले सदरुद्दीन से दुश्मनी रखने वाले अफजाल के घर पर पुलिस ने छापा मारा था। उसके स्वजन ने पुलिस पर हमला भी कर दिया था। इसी के चलते बुधवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर छापामारी की गई।
