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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेवा भारती सावरकर भाग गोवंशी की महत्ता बताने के लिए मेरठ में करेगा यह आयोजन

By Taruna TayalEdited By:
Published: Tue, 09 Nov 2021 02:22 PM (IST)

Gopastami 2021 वैदिक सभ्यता से लेकर प्राचीन भारतीय संस्कृति और अब तक गोमाता को पुनीत माना गया है। वैदिक काल ...और पढ़ें

सेवा भारती सावरकर भाग बताएगा गोवंशी की महत्ता।
सेवा भारती सावरकर भाग बताएगा गोवंशी की महत्ता।

मेरठ, जेएनएन। वैदिक सभ्यता से लेकर प्राचीन भारतीय संस्कृति और अब तक गोमाता को पुनीत माना गया है। वैदिक काल में गोधन को सर्वोपरि माना गया था। क्योंकि गोमाता रोजगार से लेकर लोगों का पेट तक पालती हैं। इसी के चलते हिंदू समाज में गोवंशी के प्रति सम्मान व उनकी महत्ता को याद दिलाने के लिए तमाम ऐसे त्योहार हैं जो आज भी प्रचलन में हैं।

ऐसा ही एक त्योहार है गोपाष्टमी। यह प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन गायों और गोवंशी को विशेष रूप से पूजन आदि किया जाता है। कुछ जगह जैसे मथुरा व इसके आसपास के क्षेत्रों में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा मान्यता है कि कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने नगर वासियों की सुरक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था औ्र आठवें दिन यानी अष्टमी तिथि को इंद्र ने नंदलाल से क्षमा मांगी और कामधेनु ने अपने दूध से भगवान का अभिषेक किया था। गायों के प्रति समाज में सम्मान व सेवा का भाव जागृत करने के लिए और उनकी महत्ता बताने के लिए सेवा भारती मेरठ महानगर का सावरकर भाग गोपाष्टमी को लेकर महानगर में कार्यक्रम का आयोजन करेगा।

11 नवंबर को सावरकर भाग के पदाधिकारी ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित लिटिल एंजल स्कूल में सुबह साढ़े नौ बजे गोपाष्टमी महोत्सव के रूप में कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक व गो रक्षा प्रमुख राकेश गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में मातृशक्तियों को गो माता का चित्र देकर उन्हें गोपाष्टमी की शुभाकामनाएं दी जाएंगी। इसके अलावा समाज को जागृत करने को लेकर परिचर्चा होगी।